सिक्किम में सेना के कैंप पर भूस्खलन।
3 लोगों की मौत, 6 सुरक्षाकर्मी लापता।

sikkim landslide
भारी बारिश के कारण उत्तरी सिक्किम में मची तबाही :
उत्तरी सिक्किम के लाचेन में भारी बारिश के बीच सेना के कैंप पर भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसमें कम से कम तीन सैन्यकर्मियों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लापता हैं। यह घटना रविवार शाम करीब सात बजे हुई, जब भारी बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा और पत्थर कैंप पर गिर गए।
बचाव अभियान जारी :
रक्षा अधिकारी ने बताया कि तीन शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। बचाव दल लापता छह जवानों की तलाश में जुटा है, लेकिन चुनौतियों भरे हालात में यह काम मुश्किल हो रहा है। सिक्किम में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और सड़कें बाधित हो रही हैं।
100 पर्यटकों को बचाया गया :
उत्तरी सिक्किम के लाचुंग में फंसे 100 से ज्यादा सैलानियों को लेकर 18 वाहनों का पहला समूह लोअर द्ज़ोंगू के फिदांग पहुंच गया है। मंगन जिला कलेक्टर अनंत जैन ने काफिले का नेतृत्व किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। फिदांग से पर्यटक गंगटोक के लिए रवाना होंगे।
लाचेन तक सड़क संपर्क बहाल करने के प्रयास जारी :
जिला कलेक्टर ने बताया कि लाचेन तक सड़क संपर्क बहाल करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पर्यटक उत्तर सिक्किम में फंसे हुए हैं क्योंकि भारी बारिश ने मंगन जिले को बुरी तरह से प्रभावित किया है। दो पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बीआरओ ने कहा कि लगातार भारी बारिश के बाद 30 मई को अचानक बादल फट जाने से उत्तरी सिक्किम में काफी नुकसान हुआ है।
सिक्किम सरकार की ओर से राहत अभियान :
सिक्किम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अक्षय सचदेवा ने व्यक्तिगत रूप से लाचुंग से निकाले गए सभी पर्यटकों का स्वागत किया। सैलानियों ने सिक्किम सरकार और निकासी प्रक्रिया में शामिल सभी एजेंसियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। सरकार की ओर से राहत अभियान जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाई जा रही है।
मानसून का मौसम नजदीक आने से बढ़ी चिंता :
मानसून का मौसम नजदीक आने के कारण क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और सड़कें बाधित हो सकती हैं। विशेषकर दूरदराज के पर्यटन स्थलों तक जाने वाले रास्तों पर सड़कों बाधित हो सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
Editorial

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