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पाक के दावे 'बिलकुल गलत'; CDS चौहान ने किया खंडन!
By EditorialPublished on
शांगरी-ला डायलॉग 2025 के मंच पर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने न केवल पाकिस्तान की चालबाजियों को उजागर किया, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत की कड
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शांगरी-ला डायलॉग 2025 के मंच पर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने न केवल पाकिस्तान की चालबाजियों को उजागर किया, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत की कड़ी जवाबी कार्रवाई की भी खुलकर चर्चा की। यह पहली बार है जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस ऑपरेशन का खुलासा करते हुए आतंक के खिलाफ अपनी ‘नई रेड लाइन’ स्पष्ट की है।
जनरल चौहान ने अपने संबोधन में कहा, “हमने आतंक के खिलाफ एक नई लाइन खींच दी है। हमारे इस ऑपरेशन से विरोधियों को सबक लेने की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि वे भारत के संयम की सीमा को समझ गए होंगे। हम आतंक के प्रॉक्सी वॉर से पिछले दो दशकों से लड़ रहे हैं। इस दौरान हमने अपने कई लोगों को गंवाया है। अब इसे खत्म करना चाहते हैं।”
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ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान को करारा जवाब :
जनरल चौहान ने बताया कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकी हमले के जवाब में जबरदस्त सैन्य कार्रवाई की थी। यह ऑपरेशन तब शुरू किया गया जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया गया।
भारतीय सेना की इस कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने पलटवार करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उन्हें मुँहतोड़ जवाब दिया और उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया।
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पाकिस्तानी जनरल की सफाई और कश्मीर का मुद्दा :
इस मंच पर पाकिस्तान की ओर से भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पाकिस्तानी सेना के जनरल साहिर शमशाद मिर्जा भी शांगरी-ला डायलॉग में मौजूद थे। उन्होंने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत को अप्रत्यक्ष रूप से निशाना बनाया। जनरल मिर्जा ने कहा, “हम विवाद को खत्म करके समाधान की ओर बढ़ना चाहते हैं। मुझे लगता है कि लंबे समय तक के लिए शांति स्थापित हो सकती है। कश्मीर का मसला वहां के लोगों के हिसाब से सुलझना चाहिए और यूएनसीएस के प्रस्तावों के तहत समाधान निकाला जा सकता है।”
भारत का सख्त रुख :
भारत की ओर से जनरल चौहान का यह स्पष्ट संदेश था कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अब पहले जैसा नरम नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अपनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान यह समझे कि भारत की संयम की सीमा है और वह इसे बार-बार परखने की कोशिश न करे।
शांगरी-ला डायलॉग का यह दौर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर एक अहम मोड़ साबित हो सकता है, जहां भारत ने विश्व मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी नई नीति को मजबूती से रखा है।

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