गाय से टकराई बाइक, एमपी के युवक की मौत, बांसवाड़ा के दो लोग घायल
भीलवाड़ा, 19 जून 2025 - भीलवाड़ा-कोटा हाइवे पर बीती रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में मध्यप्रदेश के एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि बांसवाड़ा जिले के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना कालीरडिया के पास तब हुई जब तीनों युवकों की बाइक अचानक सामने आई गाय से जा टकराई।


भीलवाड़ा, 19 जून 2025 - भीलवाड़ा-कोटा हाइवे पर बीती रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में मध्यप्रदेश के एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि बांसवाड़ा जिले के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना कालीरडिया के पास तब हुई जब तीनों युवकों की बाइक अचानक सामने आई गाय से जा टकराई।
दुर्घटना का विवरण
सवाईपुर चौकी प्रभारी अशोक कड़वा के अनुसार, यह दुर्दभाग्यपूर्ण घटना मंगलवार देर रात भीलवाड़ा-कोटा हाइवे पर कालीरडिया के निकट हुई। तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे, जब अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। तेज रफ्तार में चल रही बाइक का गाय से सीधा टक्कर हो गया, जिससे तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े।
दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
पीड़ितों की पहचान
दुर्घटना में शामिल तीनों युवकों की पहचान निम्नलिखित है:
मृतक: संतोष देवदा (25 वर्ष), पुत्र रामचंद्र देवदा, निवासी रावटी, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश
घायल युवक:
- सुरेश निनामा (20 वर्ष), पुत्र लक्ष्मण निनामा, निवासी पाटन, जिला बांसवाड़ा
- हरीश सिंघार (18 वर्ष), पुत्र टीटा सिंघार, निवासी महुड़ा, जिला बांसवाड़ा
तीनों युवक अलग-अलग जिलों से आते थे, जो संभवतः किसी काम या मित्रता के सिलसिले में एक साथ यात्रा कर रहे थे। यह दुर्घटना न केवल तीन परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय भी है।
चिकित्सा उपचार और अस्पताल की स्थिति
घटना के तुरंत बाद तीनों घायलों को भीलवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उनकी जांच की। दुर्भाग्य से, संतोष देवदा की चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं दूसरी ओर, सुरेश निनामा और हरीश सिंघार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, दोनों युवकों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
सवाईपुर चौकी प्रभारी अशोक कड़वा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह एक दुर्घटना थी, जिसमें अचानक सामने आई गाय के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया।
पुलिस ने मृतक संतोष देवदा के परिजनों को रतलाम में सूचना दे दी है। परिवारजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाइयां की जा रही हैं।
सड़क सुरक्षा की चुनौती
यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय और राज्य हाइवे पर आवारा पशुओं की समस्या को उजागर करती है। भीलवाड़ा-कोटा हाइवे पर अक्सर गाय, भैंस और अन्य पशु सड़क पर विचरण करते रहते हैं, जो न केवल यातायात में बाधा डालते हैं बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाइवे पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाएं आम बात हो गई हैं। रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में पशुओं को देखना मुश्किल हो जाता है।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि हाइवे पर आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि पशु आश्रय स्थलों का निर्माण और हाइवे के किनारे बाड़ लगाना आवश्यक है।
जिला कलेक्टर से अपेक्षा की जा रही है कि वे संबंधित विभागों के साथ मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। साथ ही यह भी सुझाव दिया जा रहा है कि हाइवे पर रिफ्लेक्टर और बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की जाए।
परिवार की व्यथा
संतोष देवदा की मौत से उसके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। 25 वर्षीय संतोष अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार न केवल भावनात्मक रूप से टूट गया है, बल्कि आर्थिक संकट में भी आ गया है।
वहीं घायल युवकों सुरेश और हरीश के परिवार भी चिंता में हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है, लेकिन पूर्ण स्वस्थता में अभी भी समय लगेगा।
यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा के महत्व और सावधान ड्राइविंग की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है। साथ ही यह भी स्पष्ट करती है कि सड़कों से आवारा पशुओं को हटाना कितना जरूरी है।

