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खामेनेई की खुली चेतावनी; ट्रंप की सख्ती का तगड़ा जवाब!
By EditorialPublished on
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला किया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह बयान उस वक्त आया है जब ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने की मांग की थी। खामेनेई के तीखे तेवरों ने इस टकराव को और अधिक उग्र बना दिया है और अब दुनिया मध्य पूर्व में किसी बड़े धमाके की आशंका से सहम गई है।

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मध्य पूर्व एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक खतरनाक मोड़ ले चुका है, क्योंकि इस संघर्ष में अब अमेरिका भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने इस जंग की ज्वाला को और भड़का दिया है, जिस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों पर पलटवार करते हुए दो टूक कहा है कि “हर एक शहीद का बदला लिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी हालत में घुटने नहीं टेकेगा और न ही किसी थोपी गई शांति या युद्ध को स्वीकार करेगा। खामेनेई का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को खुलेआम परमाणु हथियार न रखने की धमकी दी और यहां तक कहा कि अमेरिका को ईरान के सर्वोच्च नेता की 'लोकेशन' तक की जानकारी है।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, खामेनेई ने कहा, “जो लोग ईरान के इतिहास को जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि ईरानी धमकियों के सामने झुकते नहीं हैं। अमेरिका को यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि यदि अमेरिकी सेना ने कोई भी आक्रामक कदम उठाया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों से हुई थी, जिसमें कई ईरानी सैन्यकर्मी मारे गए। इसके बाद खामेनेई ने कहा कि इजरायल ने बहुत बड़ी गलती की है और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। “हम शहीदों के खून को नहीं भूलेंगे,” उन्होंने कहा।
ट्रंप ने कनाडा में G7 समिट से लौटने के बाद वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरानी आसमान पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि “ईरान के पास स्काई ट्रैकर्स और डिफेंस सिस्टम तो हैं, लेकिन वह अमेरिका की तकनीक के सामने कहीं नहीं टिकते। कोई भी अमेरिका से बेहतर नहीं कर सकता।”
ट्रंप ने ईरान को बिना शर्त सरेंडर करने को कहा और चेतावनी दी कि “हम अभी हमला नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमारा धैर्य खत्म हो रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस बार सिर्फ कूटनीति पर भरोसा नहीं करेगा, ज़रूरत पड़ी तो कार्रवाई ज़रूर की जाएगी।
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वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप किया, तो यह पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सोचना चाहिए कि उसकी कोई भी कार्रवाई केवल दो देशों के बीच नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को आग की लपटों में झोंक सकती है।
ईरान, इजरायल और अब अमेरिका के त्रिकोणीय टकराव ने वैश्विक शांति को गंभीर चुनौती दी है। जहां एक ओर ईरान ने अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए पीछे न हटने की चेतावनी दी है, वहीं अमेरिका के आक्रामक रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिन मध्य पूर्व के लिए बेहद तनावपूर्ण हो सकते हैं। वैश्विक समुदाय अब सांस रोके देख रहा है कि क्या यह तनाव नियंत्रण में आएगा या कोई बड़ी जंग दरवाज़े पर खड़ी है।

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