✕
ग्लोबली अलर्ट! World War 3 में सबसे पहले टारगेट होंगे ये देश
By EditorialPublished on
ईरान और इज़राइल के बीच जारी खूनी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि अगर यह टकराव और बढ़ा, तो कई अन्य देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध तीसरे विश्वयुद्ध की ओर बढ़ता है, तो कुछ देश पहले निशाने पर होंगे, जबकि कुछ देश अपनी भौगोलिक स्थिति और राजनीतिक तटस्थता के चलते काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है WW3 शुरू हुआ तो सबसे पहले कौन होगा शिकार, और कौन रहेगा महफूज़?

x
ईरान और इज़राइल के बीच जारी खूनी संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच भयंकर सैन्य हमले जारी हैं और अब यह टकराव एक बड़े युद्ध की आहट देने लगा है। सवाल ये उठ रहा है – क्या यह सब तीसरे विश्व युद्ध का ट्रेलर है? अगर हां, तो युद्ध की चिंगारी पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकती है।
स्थिति को और गंभीर बना दिया है अमेरिका और रूस की प्रतिक्रिया ने। जहां अमेरिका खुलकर इज़राइल के साथ खड़ा हो गया है, वहीं रूस के शीर्ष सैन्य जनरल अलाउदिनोव ने इस संघर्ष को तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत करार दे दिया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि "अब 10 लाख सैनिकों को युद्ध के लिए तैयार किया जाए।"
नेतन्याहू की चेतावनी: ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को करेंगे तबाह :
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक इज़राइल के हमले रुकने वाले नहीं हैं। इस बयान से साफ है कि यह युद्ध अब और भी लंबा और गहरा होने जा रहा है।
WW3 कहां से शुरू हो सकता है, और कौन होंगे शामिल ?
अगर यह संघर्ष तीसरे विश्व युद्ध में बदलता है, तो इसकी शुरुआत पश्चिमी एशिया से होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस संभावित युद्ध में अमेरिका, नाटो, यूरोपीय देश एक तरफ होंगे, जबकि दूसरी ओर रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और कुछ अरब देश शामिल हो सकते हैं। यह दो ध्रुवीय टकराव वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।
पहला हमला किन देशों पर हो सकता है ?
अगर WW3 शुरू होता है, तो शुरुआती हमले संभवतः होंगे:
- ईरान और इज़राइल के प्रमुख शहरों पर
- सऊदी अरब, जो पहले से क्षेत्रीय तनाव में है
- यूक्रेन और पोलैंड जैसे नाटो से जुड़े देश
- दक्षिण कोरिया और जापान, जो चीन और उत्तर कोरिया के रडार पर हैं
- इन देशों की सामरिक स्थिति और गठबंधनों के चलते वे सीधे निशाने पर हो सकते हैं।
कौन से देश रहेंगे सबसे सुरक्षित ?
कुछ देश ऐसे हैं जो तटस्थता, भौगोलिक स्थिति और कम जनसंख्या के कारण काफी हद तक सुरक्षित माने जा रहे हैं:
- स्विट्जरलैंड: दशकों से तटस्थ नीति, मजबूत बंकर सिस्टम
- न्यूजीलैंड: पृथक भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक स्थिरता
- कनाडा: विशाल भूभाग, न्यून जनसंख्या, शांत विदेश नीति
- आइसलैंड: सीमित राजनीतिक टकराव, समंदर से घिरा
- स्वीडन और फिनलैंड: सामरिक तैयारी और सामाजिक स्थायित्व
- भूटान: हिमालयी देश, सीमित विदेशी हस्तक्षेप
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
दुनिया के सामने युद्ध का साया :
ईरान और इज़राइल की जंग ने एक बार फिर दुनिया को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। अगर यह संघर्ष तीसरे विश्व युद्ध में तब्दील होता है, तो यह न केवल परमाणु खतरा बढ़ाएगा, बल्कि मानवता के लिए सबसे बड़ा संकट बन सकता है। ऐसे में सभी की नजरें अब इस टकराव के अगले कदम पर टिकी हैं क्या कूटनीति बचेगी या तबाही तय है?

Editorial
Next Story
Related News
X
