ब्याज माफियाओं के कारण भाजपा नेता ने की आत्महत्या, बेटे ने दर्ज कराया केस...
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में ब्याज माफियाओं के कारण एक भाजपा नेता की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि कन्हैयालाल तेली के पिता एवं भाजपा नेता लादूलाल तेली की मृत्यु के बाद उनके बेटे ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक सहित कई लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।


भीलवाड़ा (प्रात:काल संवाददाता) - राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में ब्याज माफियाओं के कारण एक भाजपा नेता की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि कन्हैयालाल तेली के पिता एवं भाजपा नेता लादूलाल तेली की मृत्यु के बाद उनके बेटे ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक सहित कई लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना का क्रम
24 मई 2025 को मारवों का खेड़ा निवासी लादूलाल तेली (पुत्र धन्ना तेली) ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। तीन दिन तक जिला अस्पताल में उपचार के बावजूद 27 मई की देर रात उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने शुरुआत में इसे सामान्य मृत्यु माना था, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद घर की सफाई के दौरान मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
सुसाइड नोट से खुले राज
12 जून 2025 को उपखंड कार्यालय आसींद से परिजनों को सुसाइड नोट की प्रमाणित प्रति मिली। इस नोट में लादूलाल तेली ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह आरोपित व्यक्तियों की प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने इन लोगों को "बाहुबली ब्याज माफिया" बताया था।
सुसाइड नोट के अनुसार, लादूलाल ने अपने कारोबार के सिलसिले में इन लोगों से ब्याज पर रुपए उधार लिए थे। उन्होंने मूल रकम से पांच गुना राशि चुका दी थी, फिर भी ब्याज और पेनल्टी की रकम की भरपाई नहीं हो पा रही थी। आरोपितों ने उनसे और उनकी पत्नी मदनी देवी के नाम के खाली चेक और स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
लगातार प्रताड़ना और धमकियां
परिवादी कन्हैयालाल के अनुसार, आरोपित व्यक्ति उनके पिता को लंबे समय से परेशान कर रहे थे। रास्ते में आते-जाते ये लोग उनसे रकम का तकाजा करते थे और जान से मारने, देख लेने और खाली चेकों का दुरुपयोग करने की धमकियां देते थे। इस लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण लादूलाल ने आत्महत्या का रास्ता चुना।
व्यापक आरोपी सूची
पुलिस रिपोर्ट में कुल मिलाकर लगभग 20 से अधिक व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें प्रमुख नाम हैं:
मुख्य आरोपित:
- चांदमल मेवाडा (सेवानिवृत्त अध्यापक)
- नरोत्तम मेवाडा (चांदमल के पुत्र)
- संदीप (चांदमल के पुत्र)
- देबीलाल मेवाडा
- ताराचंद मेवाडा
अन्य आरोपित:
- धापू देवी (रामेश्वर लाल खटीक की पत्नी)
- पंकज और दिनेश (रामेश्वर लाल के पुत्र)
- हरिशंकर शर्मा और अनिता शर्मा
- सत्यनारायण जोशी
- राधेश्याम माणक्या
- लादू नाथ योगी
- विष्णु सिंह मालास
- चैन सिंह राजपूत
सरकारी कर्मचारी भी शामिल
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपितों में कुछ सरकारी कर्मचारी और शिक्षक भी शामिल हैं। यह मामला ब्याज माफिया के जाल की व्यापकता को दर्शाता है।
पुलिस की कार्रवाई
आसींद पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट में दिए गए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला ब्याज माफिया की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। छोटे कारोबारी और किसान अक्सर आपातकाल में इनसे पैसे उधार लेते हैं और फिर इनके जाल में फंसकर प्रताड़ना झेलते हैं। लादूलाल तेली का मामला इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और लोग ब्याज माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। न्याय की उम्मीद में परिवार पुलिस जांच का इंतजार कर रहा है।

