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ट्रंप का तेहरान को अल्टीमेटम; G7 छोड़ सीधे ईरान पर वार
By EditorialPublished on
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि वह जी7 शिखर सम्मेलन से युद्धविराम वार्ता के लिए समय से पहले वाशिंगटन लौटे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अब ईरान पर दबाव बनाना है। उन्होंने तीखी चेतावनी देते हुए कहा, “तेहरान छोड़ना ईरानियों के लिए बेहतर होगा।” ट्रंप के इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि वे ईरान और इजरायल के बीच सिर्फ सीजफायर नहीं, बल्कि एक स्थायी समाधान चाहते हैं। कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में छोड़कर वाशिंगटन लौटे ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान अब परमाणु हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुका है, और यह स्थिति अमेरिका तथा दुनिया के लिए अस्वीकार्य है।
'ईरान को सरेंडर करना होगा' – ट्रंप
ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता। उसे इस मुद्दे पर पूरी तरह सरेंडर करना होगा, इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं।” उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका अब कोई आधा-अधूरा समझौता नहीं चाहता, और जो भी कदम उठाए जाएंगे वो स्थायी समाधान की दिशा में होंगे।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे जी-7 शिखर सम्मेलन से युद्धविराम की कोशिशों के कारण वापस नहीं आए, बल्कि उनका उद्देश्य अब इस पूरे टकराव को निर्णायक मोड़ तक ले जाना है। उनके अनुसार, “तेहरान छोड़ना अब ईरानियों के लिए सबसे अच्छा विकल्प होगा।”
सीजफायर से आगे की सोच :
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वे सिर्फ अस्थायी युद्धविराम नहीं चाहते, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पूर्ण अंत चाहते हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष चरम पर है, और दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला लगातार जारी है।
तेहरान पर इजरायली हमले और जवाबी कार्रवाई :
इजरायल ने बीते पांच दिनों में ईरान पर कई मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें तेहरान के आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी मेजर जनरल अली शादमानी की मौत हो चुकी है, जो खतम-अल-अनबिया मुख्यालय के प्रमुख थे। वह हाल ही में इस पद पर नियुक्त हुए थे और अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे।
वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने तेल अवीव में इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के हेडक्वार्टर पर हवाई हमला किया। इसके अलावा इजरायल की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी AMAN की बिल्डिंग को भी निशाना बनाया गया है। यह ईरान की तरफ से अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई मानी जा रही है।
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अमेरिका की सैन्य तैयारी पूरी :
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अमेरिका या उसके सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो अमेरिका पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। ईरान-इजरायल संघर्ष के इस दौर में ट्रंप की बयानबाज़ी ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में यह टकराव और भी निर्णायक मोड़ ले सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

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