दीपिका के आंखे नम; केदारनाथ हादसे में शहीद पायलट को दी विदाई
राजस्थान की राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में मंगलवार को एक भावुक और गमगीन माहौल में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान का अंतिम संस्कार किया गया। वे उन सात लोगों में शामिल थे, जिनकी 15 जून को उत्तराखंड के केदारनाथ में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में जान चली गई थी।
राजवीर सिंह चौहान की अंतिम यात्रा का नेतृत्व उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान ने किया, जो स्वयं भारतीय सेना में अधिकारी हैं। उन्होंने पति की तस्वीर को पूरे समय सीने से लगाए रखा और ‘राजवीर सिंह अमर रहें’ के नारों के बीच उन्हें विदाई दी। इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
शास्त्री नगर स्थित उनके आवास पर जब तिरंगे में लिपटी शहीद की पार्थिव देह रखी गई, तो बड़ी संख्या में लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। परिजन, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पड़ोसी, मित्र और आमजन सबने नम आंखों से पुष्प अर्पित किए। मौके पर मौजूद लोग राजवीर सिंह के साहस और समर्पण को याद कर भावुक हो उठे।
इस अवसर पर राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर भी पहुंचे। उन्होंने शहीद राजवीर सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिवार को सांत्वना दी।
सेवा और समर्पण की मिसाल थे राजवीर सिंह :
राजवीर सिंह चौहान ने 15 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय सेना में सेवा दी। सेना से रिटायर होने के बाद वे अक्टूबर 2024 से आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड में पायलट के रूप में कार्यरत थे। घटना वाले दिन वे यात्रियों को केदारनाथ से गौरीकुंड ले जा रहे थे, जब खराब मौसम और दृश्यता की कमी के कारण बेल-407 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हुई।
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राजवीर सिंह के निधन ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उनकी पत्नी दीपिका चौहान की दृढ़ता और सम्मान से भरी विदाई ने इस क्षति को और भी गहराई से महसूस कराया। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक सैनिक की कुर्बानी और उसके परिवार के अदम्य साहस की कहानी बन गई है।
Editorial

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