5 दिन में दूसरी चोरी की वारदात से बढ़ा आक्रोश, शिक्षक दंपति के घर से 50 हजार और गहने चोरी
रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी अहाड़ा गांव में चोरों का आतंक जारी है। पांच दिन के अंतराल में यहां दूसरी बार चोरी की गंभीर वारदात हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। इस बार चोरों ने एक शिक्षक दंपति के घर को निशाना बनाया और योजनाबद्ध तरीके से 50 हजार रुपए नकद और कीमती चांदी के आभूषण चुराकर फरार हो गए।


डूंगरपुर - रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी अहाड़ा गांव में चोरों का आतंक जारी है। पांच दिन के अंतराल में यहां दूसरी बार चोरी की गंभीर वारदात हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। इस बार चोरों ने एक शिक्षक दंपति के घर को निशाना बनाया और योजनाबद्ध तरीके से 50 हजार रुपए नकद और कीमती चांदी के आभूषण चुराकर फरार हो गए।
घटना का विवरण
यादव बस्ती निवासी छगनलाल पुत्र स्वर्गीय वेला यादव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह रविवार को अपने परिवार के साथ डूंगरपुर स्थित अपने दूसरे मकान में गया था। सोमवार की सुबह लगभग 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके गामड़ी अहाड़ा स्थित घर के ताले टूटे हुए मिले हैं। इस खबर से चिंतित होकर वह तुरंत डूंगरपुर से अपने मूल निवास स्थान पहुंचे।
घर पहुंचने पर छगनलाल को एक दुखदायी दृश्य देखने को मिला। घर का मुख्य दरवाजा और अलमारी के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने पूरे घर में तोड़फोड़ मचाई थी और सारा सामान बिखेर दिया था। सबसे बड़ी हानि यह हुई कि चोरों ने घर के अंदर रखी तिजोरी को तोड़कर उसमें सुरक्षित रखे गए रुपए और चांदी की कीमती ज्वेलरी चुरा ली थी।
पुलिसी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर तत्काल रामसागड़ा थाने को इसकी जानकारी दी गई। थाने से एएसआई राजाराम और हेड कांस्टेबल नारायणलाल घटनास्थल पर पहुंचे और विस्तृत मौका मुआयना किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
चोरों की चालाकी और योजनाबद्ध कार्रवाई
इस चोरी की वारदात में चोरों की चालाकी और योजनाबद्ध रणनीति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यादव बस्ती में छगनलाल के घर के दोनों ओर उनके भाइयों के मकान स्थित हैं। चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पड़ौसी बड़े भाई देवीलाल के मकान को चारों तरफ से कुंडी लगाकर बंद कर दिया था।
यह रणनीति इसलिए अपनाई गई ताकि चोरी के दौरान कोई व्यक्ति बाहर न आ सके और उनकी वारदात में बाधा न बने। इसके बाद चोरों ने मुख्य गेट के ताले को तोड़कर घर में प्रवेश किया और कमरे की तिजोरी को तोड़कर अपना काम पूरा किया।
पड़ौसियों की परेशानी
चोरों की इस चालबाजी का शिकार देवीलाल का परिवार भी हुआ। रात भर उनका घर आगे-पीछे से बंद रहा। सुबह 4 बजे जब पीड़ित की भाभी उठीं तो उन्होंने पाया कि घर के सभी दरवाजे बाहर से बंद हैं। वे घर से बाहर निकलने में असमर्थ रहीं।
सुबह 6 बजे पड़ौस के रामदेव मंदिर के पुजारी ने स्थिति को समझा और घर की कुंडी खोलकर उन्हें बाहर निकाला। तब जाकर पता चला कि चोरों ने अपनी वारदात को सफल बनाने के लिए पड़ौसी के घर को बंद कर दिया था।
पहले भी हुई थी चोरी
गामड़ी अहाड़ा में यह कोई पहली वारदात नहीं है। मात्र पांच दिन पहले ही गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चोरी की गंभीर घटना हुई थी। चोरों ने मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर और साईं मंदिर की दानपेटियों को तोड़कर नकदी चुरा ली थी। दुर्भाग्य की बात यह है कि पुलिस अभी तक मंदिरों में हुई चोरी का भी खुलासा नहीं कर पाई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
पांच दिन के अंतराल में गांव में दूसरी चोरी की वारदात से स्थानीय लोगों में व्यापक आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती चोरी की घटनाओं से उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने और चोरों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
पुलिस की चुनौती
रामसागड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाएं पुलिस प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। एक ही गांव में पांच दिन में दो बार चोरी होना पुलिस व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और चोरों के गिरोह को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
निष्कर्ष
गामड़ी अहाड़ा में लगातार हो रही चोरी की वारदातें न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि पुलिस व्यवस्था की कमियों को भी उजागर करती हैं। चोरों की योजनाबद्ध कार्रवाई और उनकी चालाकी से यह स्पष्ट है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है। पुलिस को इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी ताकि स्थानीय लोगों का भरोसा बहाल हो सके और इस तरह की वारदातों पर रोक लग सके।

