27 साल बाद धमाका; साउथ अफ्रीका बनी चैंपियन!
क्रिकेट की दुनिया में दक्षिण अफ्रीका ने रच दिया इतिहास। 2025 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने 27 साल बाद कोई ICC ट्रॉफी जीती है, और लंबे समय से चले आ रहे सूखे को खत्म कर क्रिकेट प्रेमियों को जश्न मनाने का मौका दिया है।

282 रन का लक्ष्य, मार्करम का धमाका
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए इस फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को 282 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया था। शुरुआती झटकों के बावजूद एडन मार्करम और कप्तान टेंबा बावुमा ने कमाल की बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को जीत की ओर अग्रसर किया।
मार्करम ने 207 गेंदों में 14 चौकों की मदद से शानदार 136 रनों की मैच विनिंग पारी खेली। जब वह आउट हुए, दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए केवल 6 रनों की जरूरत थी। कप्तान बावुमा ने भी 134 गेंदों में 66 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और तीसरे विकेट के लिए मार्करम के साथ 147 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
शुरुआत में दबाव में था दक्षिण अफ्रीका
लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर रियान रिकल्टन महज़ 6 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि वियान मुल्डर ने 27 रनों का योगदान दिया। स्कोर 70/2 होने के बाद लगा कि मैच हाथ से निकल सकता है, लेकिन मार्करम और बावुमा की जोड़ी ने मोर्चा संभाल लिया और धीरे-धीरे मैच पर नियंत्रण कर लिया।
फाइनल का पूरा लेखा-जोखा
इस रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 212 रन बनाए। उनकी ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे अधिक 66 रन बनाए, जबकि दक्षिण अफ्रीका के लिए कगिसो रबाडा ने 5 विकेट लेकर शानदार गेंदबाज़ी की।
दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी कुछ खास नहीं रही और पूरी टीम सिर्फ 138 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैट कमिंस ने 6 विकेट लेकर मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों की बढ़त मिली।
दूसरी पारी में हालांकि कंगारू बल्लेबाजों की एक न चली और पूरी टीम 207 रनों पर ढेर हो गई। रबाडा और नोर्खिया ने फिर कमाल की गेंदबाज़ी की और अफ्रीकी टीम को 282 रनों का लक्ष्य मिला।
27 साल बाद टूटा ICC ट्रॉफी का सूखा
दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य 5 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया और इस ऐतिहासिक जीत के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की ट्रॉफी पहली बार अपने नाम की। यह जीत न केवल टीम के खिलाड़ियों के लिए, बल्कि उन करोड़ों प्रशंसकों के लिए भी बेहद खास है जो लंबे समय से इस लम्हे का इंतजार कर रहे थे।

