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इजरायल-ईरान भिड़े पूरी रात; हर घंटे बदलता रहा मोर्चा!
By EditorialPublished on
मिडिल ईस्ट में जंग के बादल और गहरे हो गए हैं। इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद अब ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच बढ़ती टकराहट से न केवल पश्चिम एशिया, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुआ सैन्य टकराव अब पूरी तरह युद्ध के रूप में सामने आ चुका है। दोनों देशों के बीच मिसाइलों और हवाई हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल बन गया है।
इजरायल ने किया सबसे बड़ा सैन्य हमला :
13 जून की सुबह इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला किया। इस "प्रिवेंटिव स्ट्राइक" में इजरायल ने करीब 200 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया, जिनमें एडवांस F-35I Adir शामिल थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था। इजरायली सेना का दावा है कि उसने ईरान के परमाणु ठिकानों—नतांज, फोर्दो और इस्फहान—को निशाना बनाते हुए 100 से अधिक टारगेट तबाह किए।
इजरायली हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर होसैन सलामी, चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद हुसैन बघेरी और छह परमाणु वैज्ञानिकों सहित कुल 78 लोगों के मारे जाने की पुष्टि ईरान के UN राजदूत ने की है।
ईरान का पलटवार: मिसाइलों की बारिश और ड्रोन हमला :
इजरायली हमले के तुरंत बाद ईरान ने भी करारा जवाब दिया। शुक्रवार रात से शुरू हुए ईरानी हमलों की रफ्तार शनिवार सुबह और तेज हो गई। ईरान ने तीन लहरों में हमले किए, जिनमें 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागी गईं। इन मिसाइलों में से कई को इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें तेल अवीव और यरुशलम में गिरने में सफल रहीं।
इन हमलों में कम से कम 34 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला की मौत हो गई है। इजरायल में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है, स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
तेहरान और इजरायल में अफरातफरी :
ईरानी मीडिया के अनुसार, इजरायली बमबारी ने तब्रिज और शिराज जैसे शहरों को भी प्रभावित किया है। वहीं, तेहरान में राष्ट्रपति और सुप्रीम लीडर के आवास के पास हवाई हलचल और धमाकों की खबरें आई हैं। मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी भीषण आग लगने की सूचना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता :
इस युद्ध की भयावहता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और तत्काल संघर्ष रोकने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन सहित कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
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क्या आगे और बढ़ेगा युद्ध ?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल को खतरा महसूस होता रहेगा। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन नवंबर 2024 से ही योजना में था, जिसे अब क्रियान्वित किया गया है। वर्तमान में दोनों देश हाई अलर्ट पर हैं और आगे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में पूरी दुनिया की निगाहें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं।

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