बात निकली थी आतंकवाद पर, परेड तक पहुंच गई! अमेरिका की सेंटकॉम के चीफ जनरल माइकल कुरीला ने जब पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बताया, तो इस बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने ऐसे पेश किया मानो जनरल आसिम मुनीर को अमेरिका की परेड में खास मेहमान बना दिया गया हो। जबकि हकीकत कुछ और ही निकली। खबरों में जितना जोश दिखाया गया, ज़मीन पर उतना ही झटका लगा – न तो कोई आधिकारिक बुलावा आया, न ही कोई विशेष सम्मान।


PAK चीफ की खुशी काफूर; US ने दिया करारा जवाब
पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेइज्जती का पात्र बना है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी शिकस्त के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। अब ताजा मामला अमेरिका की सैन्य परेड से जुड़ा है, जहां पाकिस्तानी मीडिया ने झूठे दावे कर पूरी दुनिया में खुद की फजीहत करवा ली।
दरअसल, पाकिस्तान के तथाकथित ‘फील्ड मार्शल’ आसिम मुनीर को लेकर खबर उड़ाई गई थी कि उन्हें अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली यूएस आर्मी की 250वीं वर्षगांठ की परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह खबर पाकिस्तानी मीडिया ने बड़े उत्साह के साथ चलाई, लेकिन जल्द ही इसका सच सामने आ गया।
अमेरिका ने दिया करारा झटका :
सूत्रों ने एबीपी न्यूज को साफ तौर पर बताया कि आसिम मुनीर को किसी भी तरह का निमंत्रण नहीं दिया गया है। अमेरिकी सेना की ओर से जारी किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ या बयान में उनका नाम नहीं है। यानी पाकिस्तान एक बार फिर फर्जी प्रचार का शिकार हुआ है।
आतंकवाद पर बयान से फैली गलतफहमी :
दरअसल, इसी सप्ताह अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख जनरल माइकल कुरीला ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में “सहयोगी” बताया था। इस बयान को पाकिस्तान ने अपनी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करना शुरू कर दिया। इसी मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तानी मीडिया ने यह भी जोड़ दिया कि आसिम मुनीर को अमेरिका की परेड में बुलाया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका की बेचैनी :
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल ही में कुछ सैन्य समन्वय बढ़ा है, लेकिन इसकी वजह कुछ और है। माना जाता है कि नूर खान एयरबेस, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में निशाना बनाया था, वहां अमेरिका के न्यूक्लियर हथियार रखे गए थे। यही वजह थी कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की कोशिशों में तेज़ी दिखाई। पाकिस्तान ने इसे अपनी “डिप्लोमैटिक जीत” बताया, लेकिन असल में यह अमेरिका की सुरक्षा चिंता का नतीजा था।

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ट्रंप का जन्मदिन और भव्य परेड :
14 जून को अमेरिकी आर्मी अपना 250वां स्थापना दिवस मना रही है, जो संयोग से डोनाल्ड ट्रंप का 79वां जन्मदिन भी है। इस मौके पर वॉशिंगटन डीसी में एक भव्य सैन्य परेड का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें करीब 7000 सैनिक, टैंक, स्ट्राइकर इन्फैंट्री व्हीकल्स (ICV) और मिलिट्री एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। परेड व्हाइट हाउस के सामने समाप्त होगी और खुद ट्रंप इसमें मौजूद रहेंगे।
न बुलावा, न इज़्ज़त :
ऐसे आयोजन में आमंत्रण की झूठी खबर फैलाकर पाकिस्तान ने खुद को ही शर्मिंदा करवा लिया। ‘फील्ड मार्शल’ कहे जाने वाले आसिम मुनीर इस पूरे घटनाक्रम में अब 'फेल्ड मार्शल' की तरह नजर आ रहे हैं – जिन्हें न तो सम्मान मिला, न मंच और न ही सच्चाई।
Editorial

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