✕
ईरान ने इजरायल के खिलाफ खोला जंग का मोर्चा; आसमान बना रणभूमि!
By EditorialPublished on
तेहरान से गूंज उठी चेतावनी! ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल को सीधी धमकी देते हुए कहा है कि अब उसे अपने हमले की भारी कीमत चुकानी होगी। खामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक खूनी संघर्ष छेड़ दिया है, और यह जंग अब यूं ही नहीं रुकेगी। क्षेत्र में तनाव चरम पर है और हालात किसी भी वक्त बड़े युद्ध में बदल सकते हैं।

x

मध्य पूर्व में तनाव अब खुले युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करते हुए ‘Rising Lion’ नाम के ऑपरेशन के तहत 200 फाइटर जेट्स से 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली सेना के अनुसार, इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकानों, बैलेस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयों और सेना के उच्च अधिकारियों को टारगेट किया गया।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में नतांज स्थित यूरेनियम संवर्धन संयंत्र समेत कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर जबरदस्त धमाके हुए। इसके अलावा, ईरान की एलीट फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख कमांडर हुसैन सलामी और चीफ ऑफ स्टाफ्स भी मारे गए हैं। राजधानी तेहरान में स्थित मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया।
इस हमले के बाद ईरान ने तुरंत पलटवार किया और 100 से ज्यादा सशस्त्र ड्रोन इजरायल की ओर रवाना कर दिए। ईरानी प्रतिरोध को लेकर इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने पुष्टि की कि ये सभी ड्रोन इजरायल की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने हमले के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "इजरायल ने ईरान के खिलाफ खूनी संघर्ष छेड़ दिया है, और अब उसे इसके घातक अंजाम भुगतने होंगे।" सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने शहीद वैज्ञानिकों और कमांडरों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनके उत्तराधिकारी तुरंत कार्यभार संभालें और दुश्मन को करारा जवाब दें।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
इजरायल के इस हमले को एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है कि वह ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, ईरान की जवाबी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह टकराव अब रुकने वाला नहीं।
क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष के असर को लेकर चिंता गहराती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और प्रमुख वैश्विक शक्तियाँ अब स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, लेकिन दोनों देशों के तेवरों को देखते हुए तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे।

Editorial
Next Story
Related News
X
