✕
पर्यावरण संरक्षण अभियान: जल सुरक्षा की मिसाल
By EditorialPublished on
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देशभर के सार्वजनिक उपक्रमों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जहां भी जल गिरे, उसे संजोएं आदर्श वाक्य को मूर्त रूप देते हुए, बरेका हरित और जल-संपन्न भारत की दिशा में सार्थक योगदान दे रहा है।

x

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देशभर के सार्वजनिक उपक्रमों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "जहां भी जल गिरे, उसे संजोएं" आदर्श वाक्य को मूर्त रूप देते हुए, बरेका हरित और जल-संपन्न भारत की दिशा में सार्थक योगदान दे रहा है।
महत्वाकांक्षी लक्ष्य और प्रगति : महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व में बरेका का वर्षा जल संचयन बोरवेल निर्माण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। परिसर में 150 वर्षा जल संचयन बोरवेल का लक्ष्य निर्धारित है। पहले चरण की 41 बोरवेल में से 33 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष कार्य प्रगति पर है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 280 मिलियन लीटर वर्षा जल संचयन होगा, जो भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाएगा और 'हरित बरेका – स्वच्छ बरेका' विजन को साकार करेगा।
रिचार्ज कुओं से जल स्तर को मिला बल : इस वर्ष बरेका ने 10 गहरे रिचार्ज कुओं सहित कुल 43 रिचार्ज कुओं का निर्माण किया है। यह पहल गिरते जल स्तर के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान करती है, जिससे वर्षा जल सीधे भूगर्भ में समाहित होकर जल भंडारण को समृद्ध करता है।
जल शुद्धिकरण में अग्रणी भूमिका : 1980 के दशक से बरेका में दो प्रमुख जल शोधन संयंत्र कार्यरत हैं: 12 MLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मानव अपशिष्ट जल शुद्धिकरण के लिए और इंडस्ट्रियल एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट पेट्रोलियम व लुब्रिकेंट्स के औद्योगिक अपशिष्ट के लिए।
सतत विकास का संकल्प : जल संरक्षण, पर्यावरणीय शुद्धता और हरित तकनीकों के समावेश से बरेका सतत विकास की मजबूत नींव रख रहा है। यह अभियान भविष्य की आवश्यकताओं और सामाजिक दायित्वों की पूर्ति करते हुए अन्य औद्योगिक संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

Editorial
Next Story
Related News
X
