DGCA ने दिखाई सख्ती; बोइंग 787 अब रडार पर!
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भयावह विमान हादसे के बाद भारत की विमानन नियामक संस्था DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने बोइंग 787-8/9 विमानों को लेकर सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस विमान हादसे में 241 यात्रियों समेत कुल 265 लोगों की मौत हो गई थी, जब एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई थी।
DGCA ने इस हादसे के बाद एक बड़ा कदम उठाते हुए बोइंग 787 विमानों की टेक्निकल सेफ्टी चेक को अनिवार्य बना दिया है। ये नए निर्देश 15 जून 2025 की रात 12 बजे से प्रभावी होंगे और सभी एयरलाइंस को इनका पालन करना जरूरी होगा।
टेकऑफ से पहले होगी विस्तृत तकनीकी जांच :
DGCA की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब उड़ान भरने से पहले इन विमानों के फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग, केबिन एयर कंप्रेसर और उससे जुड़े सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम, इंजन फ्यूल ड्रिवन एक्ट्यूएटर, ऑयल और हाइड्रोलिक सिस्टम, और टेक-ऑफ पैरामीटर्स की पूरी जांच की जाएगी।
इसके अलावा ट्रांजिट इंस्पेक्शन में अब से फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की जांच अनिवार्य कर दी गई है, जो अगले आदेश तक जारी रहेगी। DGCA ने यह भी कहा है कि अगले दो हफ्तों में पावर एश्योरेंस चेक पूरा कराना सभी ऑपरेटर्स के लिए अनिवार्य होगा।

हालिया तकनीकी खराबियों पर भी नजर :
DGCA ने बताया कि पिछले 15 दिनों में बोइंग 787 विमानों में आई तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर यह फैसला लिया गया है। नियामक ने संबंधित एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मेंटेनेंस संबंधित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
हादसे की जांच शुरू, AAIB सक्रिय :
इस दुखद हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शुरू कर दी है। हादसे का शिकार हुआ विमान AI171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान के कुछ ही देर बाद मेघाणी नगर स्थित एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चमत्कारिक रूप से एक यात्री जीवित बच गया, जिसे प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
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पीएम मोदी का घटनास्थल का दौरा :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अहमदाबाद पहुंचे और उन्होंने हादसे के स्थल का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और अधिकारियों से दुर्घटना की विस्तृत जानकारी ली। सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है। शुक्रवार को छह मृतकों की पहचान के बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
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