मध्य पूर्व में जंग का साया; नेतन्याहू ने गिनवाई 10,000 मिसाइलों की तबाही
मध्य पूर्व में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। शुक्रवार, 13 जून 2025 को इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ (Rising Lion) नाम दिया गया है, जिसे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद एक लक्षित अभियान बताया है।
हमले के बाद नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा, “ईरान सिर्फ तीन साल में 10,000 बैलिस्टिक मिसाइल तैयार करने की योजना बना चुका है। सोचिए, अगर ये सारी मिसाइलें न्यू जर्सी के आकार वाले छोटे से इजरायल पर दाग दी गईं, तो क्या बचेगा?” उन्होंने कहा कि यह एक असहनीय खतरा है जिसे अब रोका जाना ही होगा।
इजरायली वायुसेना ने ऑपरेशन के तहत ईरान के कई न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें नतांज स्थित यूरेनियम संवर्धन केंद्र प्रमुख है। नेतन्याहू के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम है। “जब तक यह खतरा खत्म नहीं हो जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा,” उन्होंने दो टूक कहा।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आगे कहा कि दशकों से तेहरान के नेता इजरायल के विनाश की बातें करते आए हैं। "ये सिर्फ शब्द नहीं थे, बल्कि साथ ही परमाणु हथियार बनाने का कार्यक्रम भी गुप्त रूप से चलाया गया। ईरान के पास अब इतना उच्च संवर्धित यूरेनियम है कि वह नौ परमाणु बम बना सकता है।”
नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि हाल के महीनों में ईरान ने यूरेनियम से परमाणु हथियार बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो ईरान कुछ ही महीनों में परमाणु हथियार बना सकता है। यह स्थिति इजरायल के अस्तित्व के लिए सीधा और गंभीर खतरा बन चुकी है।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
इजरायल ने पूरे देश में विशेष आपातकाल की घोषणा कर दी है। देशभर में डिफेंस अलर्ट बढ़ा दिया गया है और संभावित जवाबी हमले के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल दिया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता की लहर दौड़ा दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि ईरान इस सैन्य कार्रवाई का क्या जवाब देगा।
Editorial

Editorial

Next Story