प्लेन क्रैश पर गुजरात सीएम की मीटिंग; केंद्र से मांगी मदद
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को एक भीषण विमान हादसे ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। एयर इंडिया का बोइंग 737 पैसेंजर विमान, जो लंदन के लिए रवाना हो रहा था, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय विमान में 242 से अधिक यात्री और क्रू मेंबर सवार थे।
घटना के तुरंत बाद आसमान में उठती काली धुएं की ऊंची लपटें और तेज़ धमाके की आवाज़ से शहर में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान के टुकड़े चारों ओर बिखर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सीएम भूपेंद्र पटेल एक्शन में, दिए विशेष निर्देश :
हादसे की सूचना मिलते ही गुजरात सरकार तत्काल हरकत में आ गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तुरंत मुख्य सचिव पंकज जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि घायलों को तात्कालिक इलाज उपलब्ध कराते हुए ग्रीन कॉरिडोर के जरिए उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाया जाए। अस्पतालों को अलर्ट पर रखकर प्राथमिकता के आधार पर सभी ज़रूरी इंतज़ाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह से हुई बातचीत :
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी फोन पर बातचीत की। गृह मंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए NDRF की टीमें तैनात करने और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। एनडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें फिलहाल मौके पर जुटी हुई हैं।
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तकनीकी कारण या अन्य चूक ? जांच जारी
हालांकि हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है, लेकिन शुरूआती जानकारी के अनुसार, विमान टेकऑफ के दौरान अचानक संतुलन खो बैठा और एयरपोर्ट की बाउंड्री से टकरा गया। यह अंदेशा जताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी या पक्षी टकराव (Bird Hit) हादसे का कारण हो सकते हैं। DGCA और विमानन मंत्रालय ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। एयर इंडिया की ओर से भी एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित कर यात्रियों के परिजनों से संपर्क साधा जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि टेकऑफ जैसे संवेदनशील समय में सुरक्षा और तकनीकी तैयारी कितनी कारगर है। जब तक हादसे की पूरी जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक देशभर की निगाहें राहत कार्यों और यात्रियों की सुरक्षा पर टिकी रहेंगी।
Editorial

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