प्लेन क्रैश से पहले क्यों गूंजती है ‘MAYDAY’? जानिए राज़!
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को एक भयावह विमान हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट, जिसमें 242 लोग सवार थे, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई। हादसे में सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत की आशंका जताई जा रही है।
मृतकों की सूची में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी शामिल है। बताया गया है कि वह अपने परिवार से मिलने लंदन जा रहे थे।
कैसे हुआ हादसा ?
DGCA की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फ्लाइट ने दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद, विमान के पायलट ने एटीसी को MAYDAY कॉल दी, जो कि गंभीर इमरजेंसी का संकेत होता है। इसके तुरंत बाद, रेडियो पर कोई संपर्क नहीं हो पाया और विमान धमाके के साथ क्रैश हो गया।
क्रैश का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती संकेत तकनीकी खराबी की ओर इशारा करते हैं।
क्या होती है MAYDAY कॉल ?
MAYDAY एक फ्रेंच शब्द "m’aider" से लिया गया है, जिसका अर्थ है – “मेरी मदद करो।” यह कॉल किसी भी विमान की ओर से तब दी जाती है जब स्थिति बेहद गंभीर हो – जैसे इंजन फेल होना, आग लगना, हवा में टकराने का खतरा या हाईजैक की आशंका।
पायलट रेडियो पर तीन बार जोर से कहता है –
“MAYDAY, MAYDAY, MAYDAY” यह नजदीकी ATC और सभी विमानन एजेंसियों को सतर्क और सक्रिय करने का संकेत होता है।
MAYDAY कॉल के बाद क्या होता है ?
जैसे ही MAYDAY कॉल आती है:
  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) फ्लाइट से पूरी जानकारी लेता है।
  • रनवे खाली करवा दिया जाता है और इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी शुरू हो जाती है।
  • फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, और NDRF जैसे सभी बचाव संसाधन अलर्ट पर आ जाते हैं।
  • आसपास के सभी विमानों को सतर्क कर हवाई क्षेत्र खाली करवा दिया जाता है।
लेकिन दुर्भाग्यवश, इस बार MAYDAY कॉल के तुरंत बाद कोई फॉलोअप कम्युनिकेशन नहीं हो सका, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
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राष्ट्रीय शोक का माहौल, जांच शुरू :
हादसे के बाद पूरे देश में शोक और स्तब्धता का माहौल है। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेताओं ने गहरी संवेदना प्रकट की है। DGCA, एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की संयुक्त जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट आने तक विमान के ब्लैक बॉक्स और पायलट कम्युनिकेशन रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है।
MAYDAY कॉल एक आखिरी चेतावनी होती है – वो चिल्लाहट जो आसमान से ज़मीन तक मदद की गुहार होती है। लेकिन अहमदाबाद हादसे में, ये गुहार भी विमान की नियति नहीं बदल सकी। अब पूरा देश इस हादसे की सच्चाई और जवाबों का इंतज़ार कर रहा है।
Editorial

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