विमान हादसे के बाद; शेयर मार्केट में कोहराम!
भारत के अहमदाबाद शहर से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट A1171 गुरुवार को टेकऑफ के कुछ मिनटों बाद ही क्रैश हो गई। 242 यात्री और क्रू मेंबर्स से भरे इस विमान के हादसे की खबर ने ना सिर्फ देश को झकझोर दिया, बल्कि बोइंग कंपनी के शेयरों को भी बुरी तरह गिरा दिया।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला बड़ा क्रैश :
एविएशन ट्रैकिंग साइट Flightradar24 के मुताबिक, यह एयरक्राफ्ट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था – जिसे दिसंबर 2013 में बोइंग कमर्शियल एयरप्लेन्स द्वारा बनाया गया था। 15 सालों में पहली बार इस आधुनिक मॉडल के साथ ऐसा हादसा हुआ है, जिससे इसकी सुरक्षा छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शेयरों में 8% की गिरावट :
हादसे के तुरंत बाद अमेरिका में प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान बोइंग के शेयरों में करीब 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह निवेशकों की घबराहट और ड्रीमलाइनर की छवि पर सीधे प्रभाव को दर्शाता है। बोइंग ने बयान जारी कर कहा है कि वह जानकारी इकट्ठा कर रहा है और हादसे की पूरी जांच में सहयोग करेगा।
169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक सवार :
हादसे में सवार यात्रियों की सूची के अनुसार, इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे। टेकऑफ के कुछ ही मिनटों में विमान मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे सवार :
दुर्घटनाग्रस्त विमान की सूची में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी शामिल है। वे लंदन में रहने वाले अपने परिवार से मिलने जा रहे थे। उनकी स्थिति की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भी चिंता की लहर है।
एयर इंडिया की हेल्पलाइन सक्रिय :
एयर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18005691444 जारी किया है और लगातार संपर्क में बने रहने की सलाह दी है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
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बोइंग का पुराना विवादित रिकॉर्ड :
हालांकि यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पहली दुर्घटना है, लेकिन इससे पहले बोइंग 737 मैक्स से जुड़ी कई बड़ी दुर्घटनाएं सामने आई हैं:
  • 2018: लॉयन एयर क्रैश – 189 मौतें
  • 2019: इथियोपियन एयरलाइंस फ्लाइट 302 – 157 मौतें
  • इन हादसों के बाद 737 मैक्स की उड़ानों पर विश्वभर में प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इस हादसे ने न केवल यात्रियों के परिवारों को गहरा आघात दिया है, बल्कि एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और शेयर बाजार पर भी बड़ा असर डाला है। दुनिया अब इस सवाल के जवाब का इंतज़ार कर रही है कि – इतना सुरक्षित माने जाने वाला ड्रीमलाइनर आखिर क्यों गिरा?
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