आतंकवाद


नई दिल्ली।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को देशभर की जनता से भारी समर्थन मिल रहा है। सी-वोटर द्वारा किए गए ताजा सर्वे के अनुसार, 53.9 प्रतिशत लोगों ने आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रदर्शन को 'उत्कृष्ट' बताया है। यह सर्वे पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद किए गए सफल ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद किया गया था।


आतंकी हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक का सफर

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए नृशंस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। लेकिन इसके तुरंत बाद भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता ने जनता के मन में सरकार के प्रति विश्वास को और भी मजबूत बना दिया। इस ऑपरेशन में आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया और उनके नापाक इरादों को नाकाम कर दिया गया।

सर्वे में शामिल आधे से अधिक लोगों ने माना कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई बेहद प्रभावी रही है। यह दर्शाता है कि जनता आतंकवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और तत्परता को सराहना कर रही है।


राष्ट्रीय सुरक्षा में सरकार की मजबूती

आतंकवाद विरोधी अभियान के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा के अन्य पहलुओं में भी मोदी सरकार को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। सर्वे के अनुसार, लोगों का मानना है कि इस सरकार के कार्यकाल में भारत का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कद काफी बढ़ा है। चाहे वह सीमा पर चीन के साथ मजबूती से निपटना हो या पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सख्त जवाब देना हो, सरकार की नीतियों को व्यापक जनसमर्थन हासिल है।



सर्वे की विस्तृत जानकारी

यह व्यापक सर्वे 7 से 9 जून के बीच देशभर में किया गया था। इसमें सभी राज्यों और जिलों को कवर किया गया और 18 साल से अधिक उम्र के 2,592 लोगों से कंप्यूटर असिस्टेड टेलिफोन इंटरव्यू लिया गया। सर्वे की यह पद्धति इसकी विश्वसनीयता को बढ़ाती है और दर्शाती है कि यह जनमत का सही प्रतिनिधित्व करता है।

आतंकवाद से निपटने के अलावा अन्य मुद्दों पर सरकार को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। जहां राष्ट्रीय सुरक्षा में 53.9% का समर्थन मिला, वहीं बेरोजगारी से निपटने के कदमों को केवल 26.3% लोगों ने 'बहुत प्रभावी' माना। भ्रष्टाचार से निपटने में भी 30.8% लोगों ने ही सरकार के कामकाज को बेहतरीन बताया।



कांग्रेस की छवि पर असर

दिलचस्प बात यह है कि सर्वे में आधे से अधिक लोगों ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी छवि खराब कर ली है। इसकी मुख्य वजह यह बताई गई कि पार्टी ने ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी सरकार का समर्थन करने वाले अपने ही नेता शशि थरूर की आलोचना की। इससे पता चलता है कि आतंकवाद के मुद्दे पर राष्ट्रीय एकजुटता की बजाय राजनीतिक विरोध को लोग पसंद नहीं कर रहे।


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डिजिटल इंडिया और अनुच्छेद 370

सरकार के सबसे प्रभावी सुधारों के बारे में पूछे जाने पर 19.9% लोगों ने डिजिटल इंडिया की पहल को सराहा। यह दिखाता है कि आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के साथ-साथ तकनीकी प्रगति भी जनता को प्रभावित कर रही है। विपक्षी समर्थकों में भी 24% लोगों ने डिजिटल इंडिया को पसंद किया, जो सरकार की इस नीति की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

एनडीए समर्थकों के बीच 24.6% लोगों ने अनुच्छेद 370 को हटाने को सबसे प्रभावी कदम माना। यह कदम भी आतंकवाद विरोधी रणनीति का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद की जड़ें खत्म करना था।



2029 तक मोदी की वापसी की मांग

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 59.3% लोगों ने कहा कि वे 2029 के बाद भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख अपनाने वाली मोदी सरकार को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है।



चुनौतियां और भविष्य की दिशा

हालांकि आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में सरकार को भारी समर्थन मिला है, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर अभी भी काम करने की जरूरत है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि जनता सुरक्षा के मामले में सरकार पर भरोसा करती है, लेकिन आर्थिक मुद्दों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करती है।



निष्कर्ष

यह सर्वे स्पष्ट रूप से दिखाता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मोदी सरकार की नीतियां जनता को पसंद आ रही हैं। पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में जनता का यह भरोसा आने वाले समय में सरकार की नीतियों को और भी मजबूत बनाएगा।

Editorial

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