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दाऊद की धरपकड़ का समय आ गया; कई देशों में तलाश शुरू
By EditorialPublished on
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान से फरार हो गया है। लंबे समय से पाकिस्तान में छिपा बैठा दाऊद अब कहां गया है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। खुफिया एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों की तलाश में जुट गई हैं। क्या वह किसी तीसरे देश में पनाह ले चुका है या फिर एक बार फिर भूमिगत हो गया है

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5/9/2025 4:23:20 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान छोड़कर फरार हो गया है। माना जा रहा है कि वह पिछले कई सालों से कराची में छिपा हुआ था, जहां उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की सुरक्षा प्राप्त थी।
हाल के दिनों में पाकिस्तान में हो रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से वहां की सरकार और सेना बौखलाए हुए हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान अब अपने आतंकी आकाओं और भारत विरोधी नेटवर्क को सुरक्षित करने की कोशिशों में जुटा है। ऐसी स्थिति में भारत के पास यह एक रणनीतिक मौका है, जब वह पाकिस्तान पर दबाव बनाकर न सिर्फ दाऊद इब्राहिम को ट्रैक कर सकता है, बल्कि अन्य आतंकियों के ठिकानों पर भी निशाना साध सकता है।
पहले दुबई, अब पाकिस्तान ; दाऊद की लंबी भागदौड़ :
दाऊद इब्राहिम ने 1986 में भारत छोड़कर दुबई में शरण ली थी। वहां से उसने अपना अंडरवर्ल्ड साम्राज्य फैलाना शुरू किया। 1993 में मुंबई में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों का मास्टरमाइंड वही था, जिसमें 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे।
उसके बाद से ही वह भारत के लिए मोस्ट वॉन्टेड बना रहा और अंततः पाकिस्तान जाकर छिप गया। खबरों की मानें तो पाकिस्तान सरकार ने उसे और उसके परिवार को न केवल नागरिकता दी, बल्कि पूरी सुरक्षा भी मुहैया कराई।
कहां जा सकता है अब दाऊद?
दाऊद की फरारी की खबर के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है वह गया कहां होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अपराधी आमतौर पर उन देशों में पनाह लेते हैं, जहां की कानून व्यवस्था सख्त तो होती है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया इतनी जटिल होती है कि प्रत्यर्पण मुश्किल हो जाता है। ऐसे संभावित देशों में शामिल हैं:
- लंदन (ब्रिटेन): अंडरवर्ल्ड और वाइट कॉलर अपराधियों के लिए पसंदीदा जगह।
- दुबई और यूएई: भारत से भागे अपराधियों के लिए वर्षों से सुरक्षित ठिकाना।
- ब्राजील, फिलीपींस और हॉन्गकॉन्ग: जहां पुलिस की निगरानी अपेक्षाकृत कमजोर है और स्थानीय नेटवर्क मजबूत हैं।
- जर्मनी: यूरोप का एक ऐसा देश जहां कानूनी प्रक्रियाएं लंबी चलती हैं और राजनीतिक संरक्षण की संभावनाएं होती हैं।
भारत के लिए रणनीतिक अवसर :
दाऊद की भागदौड़ यह संकेत देती है कि पाकिस्तान में उसके लिए स्थितियाँ असुरक्षित हो चुकी हैं। भारत के पास यह सुनहरा मौका है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की आतंक परस्ती को उजागर करे और साथ ही अपनी खुफिया एजेंसियों के जरिए दाऊद की तलाश तेज़ करे। अगर भारत इस मौके का सही उपयोग करे, तो यह न केवल दाऊद जैसे आतंकियों को घेरने में मददगार होगा, बल्कि पाकिस्तान पर भी कूटनीतिक दबाव बनाएगा। दाऊद इब्राहिम का पाकिस्तान से भागना केवल एक व्यक्ति की फरारी नहीं है, यह उस समूचे आतंकी नेटवर्क की अस्थिरता का संकेत है जिसे पाकिस्तान वर्षों से पालता-पोसता आ रहा है। यह वक्त भारत के लिए निर्णायक हो सकता है – आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार का।

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