राज ठाकरे का मी मराठी अभियान पड़ा ठंडा
बीजेपी के दबाव के आगे झुके राज ठाकरे

raj thakeray
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख नेता राज ठाकरे का मि मराठी अभियान अब ठंडे बस्ते में पड़ता नजर आ रहा है। इस अभियान के तहत राज ठाकरे ने महाराष्ट्र राज्य में रहने वाले अन्य भाषाओं के लोगों, खासकर उत्तरभारतीयों को निशाना साधते हुए कहा था कि अगर मराठी बोलते हैं तो ठीक है, नहीं तो थप्पड़ जड़ दो।
*बिहार की राजनीति पर असर*
राज ठाकरे के इस निर्णय से नाराज बिहारी और उत्तर भारतीय लोगों का बिहार के आगामी चुनाव पर असर देखने को मिलता। बिहार में उत्तर भारतीयों की बड़ी संख्या है, और राज ठाकरे के इस बयान से उन्हें नाराज करने का खतरा था।
*बीजेपी का दबाव*
बीजेपी को अपना परचम बिहार में कायम रखना है, और राज ठाकरे के इस बयान से उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचने का खतरा था। इसलिए बीजेपी ने राज ठाकरे को आंदोलन रोकने के लिए कहा।
*CM फडणवीस का बयान*
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज ठाकरे की बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज ठाकरे का मि मराठी अभियान ठंडे बस्ते में पड़ता नजर आ रहा है।
*राज ठाकरे की चुप्पी*
राज ठाकरे ने अपने मि मराठी अभियान के बारे में कोई बयान नहीं दिया है, और यह माना जा रहा है कि उन्होंने बीजेपी के दबाव में आकर अपना आंदोलन रोक दिया है।
*निष्कर्ष*
राज ठाकरे का मि मराठी अभियान अब ठंडे बस्ते में पड़ता नजर आ रहा है। बीजेपी के दबाव के आगे राज ठाकरे झुकते नजर आ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है, और क्या राज ठाकरे अपने आंदोलन को फिर से शुरू करेंगे या नहीं।
*आगे क्या होगा*
अब देखना यह है कि राज ठाकरे आगे क्या कदम उठाते हैं। क्या वह अपने मि मराठी अभियान को फिर से शुरू करेंगे या नहीं। यह भी देखना होगा कि बीजेपी और राज ठाकरे के बीच क्या संबंध रहते हैं।
*महत्वपूर्ण बातें*
- राज ठाकरे का मि मराठी अभियान ठंडे बस्ते में पड़ता नजर आ रहा है।
- बीजेपी के दबाव के आगे राज ठाकरे झुकते नजर आ रहे हैं।
- CM फडणवीस ने कहा कि राज ठाकरे की बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
- राज ठाकरे ने अपने मि मराठी अभियान के बारे में कोई बयान नहीं दिया है।
Editorial

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