India Opens Dam Gates, Pakistan Reels Under Flood Threat!
5/8/2025 6:38:04 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुरानी सिंधु जल संधि अब अतीत बन चुकी है। इसके रद्द होने के बाद भारत ने पहली बार बड़ा कदम उठाते हुए चिनाब नदी पर बने सलाल डैम और बगलिहार डैम के गेट खोल दिए हैं। इस निर्णय के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पंजाब के निचले इलाकों में बाढ़ की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
भारत ने रियासी जिले में स्थित सलाल डैम के तीन गेट खोलकर स्पष्ट कर दिया है कि अब पानी पर उसका पूरा अधिकार है और वह संधि के किसी नियम से बंधा नहीं है। यह वही सलाल डैम है जिसका पानी अब तक रोका गया था, जिससे पाकिस्तान को चिनाब नदी से नियंत्रित जल मिलता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अब अपनी रणनीति में पानी को एक कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब सीमा पर तनाव बढ़ा है और पाकिस्तान की ओर से उकसावे की घटनाएं जारी हैं।
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इसके साथ ही रामबन जिले में स्थित बगलिहार डैम के गेट भी भारी बारिश के चलते खोल दिए गए हैं। इससे चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिससे पाकिस्तान की निचली भूमि, खासकर पंजाब और PoK के कई इलाके जलमग्न होने के कगार पर पहुंच गए हैं। मौसम विभाग ने पहले ही अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की चेतावनी दी थी, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया गया है, और अब यह पूरी तरह भारत के अधिकार में है कि वह कितना पानी रोके या छोड़े। पाकिस्तान के पास अब कोई कानूनी आधार नहीं बचा जिससे वह भारत से सवाल कर सके।
इस घटनाक्रम का राजनीतिक असर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान की जनता अब अपनी ही सरकार से जवाब मांग रही है, कि क्यों भारत की ओर से छोड़े गए पानी को लेकर कोई पूर्व तैयारी नहीं की गई। पाकिस्तानी मीडिया में इस जलरूपी संकट को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
यह स्पष्ट है कि अब भारत केवल सीमा पर ही नहीं, जलनीति के मोर्चे पर भी आक्रामक रुख अपनाने को तैयार है — और इसके असर पाकिस्तान की ज़मीन पर साफ देखे जा रहे हैं।
Editorial

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