5/8/2025 6:07:29 PM
दुनियाभर में जहां आर्थिक सुस्ती की आहट सुनाई दे रही है, वहीं भारत एक स्थिर और तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स की एक ताज़ा रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि आने वाले महीनों में अमेरिका और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को मंदी की मार झेलनी पड़ सकती है, लेकिन भारत अपनी रफ्तार और स्थिरता को बनाए रखेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 90 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आ सकती है, जबकि चीन की ग्रोथ में भी 60 बेसिस पॉइंट्स की कमी आने की संभावना है। इसके विपरीत, भारत का आर्थिक प्रदर्शन न केवल संतुलित है, बल्कि वह वैश्विक चुनौतियों के बीच सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना रीढ़ :
भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे देश का मजबूत हो रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर एक बड़ी वजह है। रिपोर्ट के मुताबिक, PMI (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) के आंकड़े लगातार सकारात्मक बने हुए हैं, जो भारत की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ते वर्चस्व को दर्शाते हैं। इसके अलावा, सरकारी खर्च में नियंत्रण और कर्ज में कमी ने भी भारत की इकोनॉमिक सेहत को बेहतर बनाए रखा है।
मानसून और कृषि से मिलेगा बूस्ट :
रिपोर्ट में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि इस साल सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है, जिससे ग्रामीण मांग बढ़ेगी और महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। इससे भारत का कृषि क्षेत्र मज़बूती से उभर सकता है और समग्र विकास को सहारा मिलेगा।
शेयर बाजार में लौट रही रौनक :
भले ही वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनियों की आय उम्मीद से थोड़ी कम रही हो और पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ हो, लेकिन इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार कमबैक किया है। घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, और FPI (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) भी लगातार दूसरे महीने भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं।
हालांकि रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन कुल मिलाकर, भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक सुस्ती के बीच भी एक चमकते सितारे की तरह आगे बढ़ रही है।
Editorial

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