“I wish I had died too!”; Masood Azhar broken in Operation Sindoor
5/7/2025 12:41:17 PM
Operation Sindoor Successful : भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंक के गढ़ बहावलपुर में ऐसी तबाही मचाई कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को कहना पड़ा – “दिल करता है कि काश मैं भी इस हमले में मर जाता।” 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी अड्डों को खाक में मिला दिया।

जवाबी कारवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के पंजाब और कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कुल 9 ठिकानों पर निशाना साधा। इस हमले में सबसे बड़ा झटका मसूद अजहर को लगा, जिसके परिवार के 14 सदस्य मारे गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी बहन, बेटा, पत्नी, भाई और रऊफ असगर के पोते-पोतियों तक को बख्शा नहीं गया।

जैश-ए-मोहम्मद द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मौलाना मसूद अजहर की बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, और रऊफ असगर के कई रिश्तेदार मारे गए हैं। बाजी सादिया के पति और बेटी के चार बच्चे भी हवाई हमलों में घायल हुए हैं। आतंकी संगठन के अनुसार, अधिकतर मृतक महिलाएं और बच्चे हैं। इन सभी को बुधवार, 7 मई को ही दफनाया जाएगा।

बीबीसी उर्दू के हवाले से बताया गया है कि मसूद अजहर के करीबी सहयोगी, उसकी मां और दो अन्य साथी भी सटीक हमले में मारे गए। बहावलपुर में स्थित 'सुभान अल्लाह परिसर', जो जैश के लिए मुख्य ट्रेनिंग हब माना जाता था, पूरी तरह तबाह हो चुका है।

भारतीय सेना की इस सर्जिकल एयर स्ट्राइक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब भारत आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ निंदा नहीं करेगा, बल्कि सीधी और सटीक कार्रवाई करेगा। आतंक के सरगनाओं तक जब मौत की आहट पहुंचे और वो खुद मौत की दुआ माँगने लगें, तो यह साफ संकेत है कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा।
Editorial

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