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सीमापर गतिविधियां तेज़; दिल्ली से वॉशिंग्टन तक डोभाल एक्टिव
By EditorialPublished on
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की कूटनीतिक सक्रियता तेज़ पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब सहित कई देशों के अपने समकक्षों से संपर्क किया और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी। डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत का मकसद तनाव बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ है। भारत अब सैन्य मोर्चे के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय नजर आ रहा है।
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5/7/2025 4:45:55 PM
पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद भारत ने मंगलवार-बुधवार की रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त मिसाइल हमले कर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। भारतीय सेना के इस संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए गए। जवाबी कार्रवाई के बाद भारत ने सैन्य मोर्चे के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी अपनी रणनीति को धार दी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, जापान, रूस और फ्रांस के अपने समकक्षों से संपर्क कर भारत के कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने यह कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर की है और इसका मकसद आतंकवाद का खात्मा है, न कि टकराव को बढ़ाना। डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत का तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान उकसाता है तो भारत मजबूती से जवाब देने के लिए तैयार है।
इस बीच पाकिस्तान में भारतीय कार्रवाई को लेकर खलबली मच गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की आपात बैठक बुलाई, जिसमें सभी सेनाओं के प्रमुख, कैबिनेट मंत्री और प्रांतीय मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। यह बैठक दो घंटे से अधिक चली, जिसमें भारत की कार्रवाई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान जारी कर कहा कि भारत अगर आक्रामक रुख से पीछे हटे, तभी तनाव खत्म हो सकता है। वहीं पाक सेना ने शहबाज शरीफ से जवाबी कार्रवाई की अनुमति मांगी, जिस पर प्रधानमंत्री ने सेना को "फ्री हैंड" दे दिया। उन्होंने कहा कि सेना को अपनी सीमा में रहते हुए हर जरूरी कार्रवाई का अधिकार है।
भारत की सख्त कार्रवाई और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण हालात पैदा कर दिए हैं। हालांकि, भारत की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि यह अभियान सिर्फ आतंकी ठिकानों को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया है और नागरिक या सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने दुनिया को भी यह संकेत दे दिया है कि अब आतंक का जवाब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि सटीक वार से दिया जाएगा।

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