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25 मिनट का Operation Sindoor; Pak-POK के ९ अड्डे का खात्मा
By EditorialPublished on
Successful Operation Sindoor : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ बदले की कारवाई नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सैन्य ऑपरेशन था। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन की योजना बनाते समय सबसे अहम बात यह थी कि आम नागरिकों और निर्दोष लोगों को कोई नुकसान न हो। सर्जिकल स्ट्राइक की हर चाल इस सिद्धांत पर आधारित थी कि आतंकियों को खत्म करना है, लेकिन इंसानियत को जिंदा रखना है।
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5/7/2025 1:18:22 PM
Successful Operation Sindoor : भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए 6-7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की। "ऑपरेशन सिंदूर" नामक इस मिशन में भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि ऑपरेशन रात 1:05 से 1:30 बजे तक चला। उन्होंने कहा कि कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान न हो।
मुजफ्फराबाद के सवायनाला और सईदना बिलाल कैंप, कोटली का गुलपुर और अब्बास कैंप, भिमबर का बरनाला कैंप, सियालकोट का सरजल और मेहमूना जोया कैंप, लाहौर के पास मरकज तैयबा और जैश का मरकज सुभानअल्लाह मुख्य निशाने थे। इनमें से कई कैंप वे थे, जहां 2008 मुंबई हमले, पठानकोट एयरबेस हमला, और हालिया तीर्थयात्री हमलों की साजिश रची गई थी।
कर्नल कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन में रिक्रूटमेंट सेंटर, ट्रेनिंग एरिया और लॉन्च पैड्स को लक्ष्य बनाया गया, जो पिछले तीन दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे थे। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई उन मासूम नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो पहलगाम हमले में मारे गए थे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले में पाकिस्तान की किसी सैन्य चौकी को निशाना नहीं बनाया गया और न ही किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना है।

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