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यूपी में IPS तबादला एक्सप्रेस; 17 अफसरों के तबादले!
By EditorialPublished on
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर आईपीएस तबादलों की एक्सप्रेस दौड़ी है। गोरखपुर से लेकर अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज तक कई जिलों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों की तैनाती बदली गई है। यह फेरबदल न सिर्फ प्रशासनिक सख्ती का संकेत है, बल्कि कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश भी माना जा रहा है।
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5/6/2025 12:01:15 PM
उत्तर प्रदेश में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के तबादले की बड़ी कार्रवाई हुई है। हालिया तबादला सूची में गोरखपुर से लेकर गौतमबुद्धनगर तक के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। यह फेरबदल प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक कार्यशैली में ताजगी लाने की कवायद माना जा रहा है।
प्रमुख तबादले और तैनातियां :
इस सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं।
- नीरा रावत को अपर पुलिस महानिदेशक, यूपी 112, लखनऊ नियुक्त किया गया है।
- प्रशांत कुमार द्वितीय को अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन), पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली है।
- केएस इमैन्युअल को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, लखनऊ बनाया गया है।
- उपेंद्र कुमार अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र और राजीव नारायण मिश्र को अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में तैनात किया गया है।
अन्य प्रमुख तैनात अधिकारी :
- शिवहरि मीणा – तकनीकी सेवाएं, मुख्यालय
- सत्येंद्र कुमार – पीटीएस, मेरठ
- राजेश कुमार सक्सेना – सुरक्षा, मुख्यालय, लखनऊ
- विकास कुमार वैद्य – उप निदेशक, यूपी पुलिस अकादमी, मुरादाबाद
जिलों के SSP और SP स्तर पर भी बदलाव :
- राज करन नैय्यर – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर
- गौरव ग्रोवर – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अयोध्या
- संजय कुमार – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर
- अनूप कुमार सिंह – पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर
- बृजेश कुमार श्रीवास्तव – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इटावा
- राजेश कुमार – पुलिस अधीक्षक, कौशांबी
- धवल जयसवाल – पुलिस उपायुक्त, गाजियाबाद कमिश्नरेट
- सत्यजीत गुप्ता – पुलिस उपायुक्त, कानपुर कमिश्नरेट
- संदीप कुमार मीना – पुलिस अधीक्षक, संतकबीरनगर
- लक्ष्मी निवासी मिश्रा – पुलिस अधीक्षक, रेलवे, गोरखपुर
इसके पीछे सरकार का क्या उद्देश्य हो सकता है ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण और जनसेवा में भी तेजी लाई जा सकेगी।

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