Attack on India : Clash with US; Strong Message to Pak
5/6/2025 5:17:36 PM
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकवादी हमले के बाद अमेरिका ने भारत को अपना ‘बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदार’ बताते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका भारत का समर्थन करने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। कैपिटल हिल में हुई कांग्रेस की ब्रीफिंग के दौरान माइक जॉनसन ने कहा, “भारत हमारे लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है। हम आतंकवाद के विरुद्ध उनकी लड़ाई में हर तरह से उनके साथ खड़े हैं।"
यह बयान ऐसे समय आया है जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। हमले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ट्रंप प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया :
इस भीषण हमले के अगले ही दिन, 23 अप्रैल को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। ट्रंप ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, “भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े हैं। यह एक जघन्य हमला था और दोषियों को सज़ा जरूर मिलेगी।” ट्रंप प्रशासन की इस प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हो गया कि अमेरिका सिर्फ कूटनीतिक ही नहीं बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।
मार्को रुबियो और एस. जयशंकर की अहम बातचीत :
30 अप्रैल को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक बयान में कहा, “विदेश मंत्री रुबियो ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को अमेरिका का पूरा सहयोग मिलने का भरोसा दिया।”
व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर जोर :
माइक जॉनसन ने अपने संबोधन में भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों की भी सराहना की और उम्मीद जताई कि आगामी व्यापार वार्ताएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, “मुझे खुशी है कि किसी ने मुझसे टैरिफ के बारे में नहीं पूछा।” अमेरिका के इस ठोस रुख से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ मुहिम को अब वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिल रही है। पहलगाम हमले के बाद अमेरिका का यह रुख भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकता है।
Editorial

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