बलूच विद्रोह चरम पर;  BLA ने पकड़े कई इलाके
पाकिस्तान इस समय भीतर और बाहर दोनों ओर से संकट में घिरा हुआ है। एक ओर भारत के सख्त रुख और कार्रवाईयों से पाकिस्तान की हालत पतली है, तो दूसरी ओर देश के भीतर उठ रही अलगाववादी आवाज़ें भी सरकार की नींद उड़ा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सुराब शहर पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BLA के लड़ाकों ने न केवल शहर के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों पर धावा बोला, बल्कि बैंक, पुलिस स्टेशन और सैन्य ठिकानों को भी पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।
BLA ने लिया सुराब पर पूरा नियंत्रण :
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने दावा किया कि शुक्रवार शाम को उनके लड़ाकों ने सुराब शहर पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि शहर में मौजूद सभी प्रशासनिक, सैन्य और वित्तीय संस्थान अब उनके नियंत्रण में हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख उसी दौरान पास के क्वेटा शहर में मौजूद थे। इस घटना को बलूच विद्रोह का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
बलूच लिबरेशन आर्मी कौन है ?
बलूच लिबरेशन आर्मी, या BLA, बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाला एक उग्रवादी संगठन है। यह संगठन पाकिस्तान पर बलूच लोगों के शोषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का आरोप लगाता रहा है। बलूच लोगों का कहना है कि उनके संसाधनों से पूरा देश फायदा उठाता है, जबकि उन्हें खुद गरीबी और हिंसा का सामना करना पड़ता है। BLA लंबे समय से पाकिस्तानी सेना, प्रशासन और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर हमला करता रहा है।
पाकिस्तान के अंदर मची हलचल :
सुराब पर कब्जे के साथ BLA ने पाकिस्तान सरकार को खुली चुनौती दी है। पिछले कुछ वर्षों में बलूचिस्तान में कई बार BLA द्वारा पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले हुए हैं। इस बार BLA का ऑपरेशन न केवल योजनाबद्ध था, बल्कि तीन घंटे में पूरे शहर को अपने कब्जे में लेना उनकी ताकत का प्रतीक बन गया है। पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी नाकामी है।
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भारत से मांगी थी मान्यता :
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान बलूचिस्तान ने खुद को एक "आजाद मुल्क" घोषित किया था और भारत से मान्यता मांगी थी। हालांकि भारत सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर मिलते हैं कि पाकिस्तान के भीतर अलगाववादी ताकतें लगातार मजबूत हो रही हैं।
बलूच लिबरेशन आर्मी की यह कार्रवाई पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति को उजागर करती है। देश के भीतर बढ़ती अस्थिरता और बाहरी दबावों के बीच पाकिस्तान की सरकार के लिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण समय है। सुराब शहर पर कब्जा केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक संदेश है कि बलूच आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। यदि पाकिस्तान ने बलूच क्षेत्र की वास्तविक मांगों को नहीं समझा, तो आने वाले समय में यह विद्रोह और भी विकराल रूप ले सकता है।
Editorial

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