अब्दुल्ला आजम और तजीन फातिमा को बड़ा झटका, लाइसेंस रद्द
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। रामपुर की डीएम कोर्ट ने आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फातिमा और बेटे व पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दोनों को "सजायाफ्ता" की श्रेणी में मानते हुए यह कड़ा फैसला सुनाया। यह मामला वर्ष 2022 से लंबित था, जिस पर अब अंतिम निर्णय आ गया है।
सजायाफ्ता होने के चलते निरस्त हुआ लाइसेंस :
डीएम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया और उन्हें सजायाफ्ता मानते हुए उनके 32 बोर की रिवॉल्वर के लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद अब दोनों को अपने हथियार गंज कोतवाली में जमा कराने होंगे। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे शस्त्र जब्त कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें।

पुलिस की संस्तुति के बाद शुरू हुई कार्रवाई :
यह पूरा मामला वर्ष 2022 में उस समय शुरू हुआ था जब रामपुर पुलिस ने आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति डीएम कार्यालय को भेजी थी। इसके बाद मामला डीएम कोर्ट में विचाराधीन रहा। नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को सुना गया और अब अंतिम रूप से दोनों का शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
फिलहाल जमानत पर बाहर हैं तजीन और अब्दुल्ला :
डॉ. तजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। जबकि सपा नेता आजम खान खुद इस समय सीतापुर जेल में बंद हैं। उन पर एक के बाद एक कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और आचार संहिता उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पहले भी आजम खान का लाइसेंस हो चुका है रद्द :
यह पहली बार नहीं है जब आजम खान परिवार को इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2019 में प्रशासन ने खुद आजम खान का शस्त्र लाइसेंस भी रद्द कर दिया था। हालांकि उस आदेश के खिलाफ आजम खान ने हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें राहत भी मिली थी। लेकिन उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर यह नई कार्रवाई अब उनकी मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
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राजनीतिक प्रभाव पर सवाल :
इस कार्रवाई से आजम खान परिवार की राजनीतिक साख पर भी असर पड़ सकता है। सपा के लिए रामपुर हमेशा से एक मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन हालिया कानूनी मामलों ने पार्टी की स्थिति को कमजोर किया है। अब शस्त्र लाइसेंस की रद्दीकरण जैसी कानूनी कार्रवाइयाँ इस परिवार की सार्वजनिक छवि पर और असर डाल सकती हैं।
डीएम कोर्ट का यह फैसला आजम खान परिवार के लिए एक और बड़ा झटका है। आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता होने के चलते अब न केवल उनके हथियारों से जुड़ी सुविधाएं छिन रही हैं, बल्कि यह उनके राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि परिवार इस फैसले के खिलाफ किसी उच्च न्यायालय में अपील करता है या नहीं।
Editorial

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