हेट स्पीच में अब्बास अंसारी दोषी; कोर्ट से सजा का इंतजार
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में दोषी करार दिया गया है। मऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को अब्बास अंसारी, उनके भाई और चाचा मंसूर अंसारी को दोषी पाया। कोर्ट ने यह फैसला 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में सुनाया। अब जल्द ही दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
कोर्ट में फैसले से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा :
फैसले के ऐलान से पहले मऊ कोर्ट परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने कोर्ट के चारों ओर घेराबंदी की और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कोर्ट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की गई। किसी भी संभावित हंगामे को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
समर्थकों ने की कोर्ट में घुसने की कोशिश :
कोर्ट के फैसले के दौरान अब्बास अंसारी के समर्थक कोर्ट परिसर के बाहर जुटे हुए थे। जैसे ही अब्बास अंसारी को दोषी ठहराया गया, कुछ समर्थकों ने कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक समर्थक को हिरासत में लिया और स्थिति को संभाला।
2022 के चुनावी भाषण से जुड़ा है मामला :
यह मामला 3 मार्च 2022 का है, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मऊ के पहाड़पुर मैदान में आयोजित एक जनसभा में अब्बास अंसारी ने भड़काऊ भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि "सरकार बनने के बाद वे अधिकारियों को 'देख लेंगे'।" इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था और चुनाव आयोग की निगरानी में कार्रवाई शुरू हुई।
इसके बाद सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर अब्बास अंसारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस :
अब्बास अंसारी पर दर्ज केस में कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। इनमें आपराधिक धमकी देना, चुनावी अधिकारों का दुरुपयोग, सरकारी काम में बाधा डालना, सरकारी कर्मचारियों को धमकाना, धर्म और जाति के आधार पर वैमनस्य फैलाना और आपराधिक षड्यंत्र रचना शामिल है।
इन धाराओं के तहत चली सुनवाई के बाद मऊ के सीजेएम डॉ. केपी सिंह ने अब्बास अंसारी, उनके भाई मंसूर अंसारी और चाचा को दोषी करार दिया। कोर्ट ने माना कि चुनावी मंच से दिया गया बयान सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने और सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने वाला था।
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सजा का ऐलान जल्द :
कोर्ट जल्द ही दोषियों को सजा सुनाएगा। यह सजा कितनी अवधि की होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस मामले में दोष सिद्ध होने के बाद अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है। राजनीतिक हलकों में यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में दबाव की भाषा और भड़काऊ बयानों पर सख्ती का संकेत देता है।
अब्बास अंसारी और उनके परिवार के लिए यह फैसला बड़ा झटका है। कोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट संकेत गया है कि कानून किसी का पक्ष नहीं लेता, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट सजा के तौर पर क्या फैसला सुनाती है और इसका राजनीतिक असर कितना गहरा होता है।
Editorial

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