सैफुल्लाह कसूरी की बौखलाहट; भारत को दी खुली धमकी!
भारत के पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्लाह कसूरी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वह पाकिस्तान में आयोजित एक भारत विरोधी रैली के मंच पर नज़र आया, जहां उसने न सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगला, बल्कि पहलगाम हमले को लेकर खुद की "फेम" का भी शर्मनाक ढंग से बखान किया।

भारत के खिलाफ रची जा रही साजिशें खुलकर मंच पर :
रविवार को पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग द्वारा आयोजित रैली में कसूरी मुख्य वक्ताओं में शामिल रहा। मंच पर उसके साथ पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक नेता और लश्कर-ए-तैयबा के अन्य वरिष्ठ आतंकी भी मौजूद थे। खास बात यह रही कि इस मंच पर हाफिज सईद के बेटे और भारत की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में 32वें नंबर पर शामिल आतंकी तल्हा सईद ने भी भाषण दिया।
रैली में कसूरी ने खुलेआम कहा, "मुझे पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कहा गया, अब मेरा नाम पूरी दुनिया में फेमस हो गया है।" यह बयान न सिर्फ उसकी घिनौनी मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान में आतंकियों को कैसे सम्मान और मंच मिलता है, उसका भी सबूत है।
पहले किया इनकार, अब खुद ही कबूली 'फेम' की बात :
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कसूरी ने एक वीडियो जारी कर खुद को हमले से अलग बताया था। लेकिन अब वही आतंकी सार्वजनिक रूप से इस हमले से मिली "शोहरत" का ज़िक्र कर रहा है, जो कि दोहरे चेहरे की सबसे बड़ी मिसाल है। इससे यह भी साफ होता है कि पाकिस्तान में आतंक के चेहरे किस तरह राजनीतिक संरक्षण और प्रचार पा रहे हैं।
तल्हा सईद का भड़काऊ भाषण, नारा-ए-तकबीर से की शुरुआत :
रैली में मौजूद तल्हा सईद ने भी भारत के खिलाफ जमकर आग उगली। उसने अपने भाषण की शुरुआत "नारा-ए-तकबीर" से की और बार-बार भारत के खिलाफ जंग छेड़ने जैसी बातें कही। यह रैली न सिर्फ एक आतंक समर्थक सभा थी, बल्कि इसमें पाकिस्तान के राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर कर दी है।
आतंक के नाम पर अस्पताल का वादा :
कसूरी ने रैली में एक और विवादित घोषणा की। उसने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए हाई प्रोफाइल आतंकी मुदासिर अहमद को 'शहीद' बताते हुए कहा कि वह उसके नाम का अस्पताल बनवाएगा। यह बयान पाकिस्तान की ज़मीन पर आतंक को महिमामंडित करने की मंशा को उजागर करता है।
पाकिस्तानी नेताओं की मौन सहमति या सक्रिय भागीदारी ?
रैली में पाकिस्तानी राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी कोई संयोग नहीं मानी जा सकती। यह दिखाता है कि आतंकवाद और राजनीति के बीच पाकिस्तान में एक खतरनाक गठजोड़ बना हुआ है। कसूरी समेत कई आतंकी पाकिस्तान में चुनाव भी लड़ चुके हैं, हालांकि उनमें से अधिकांश को जीत नहीं मिली, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्हें वैधता और प्रचार का मंच ज़रूर मिल गया।
भारत का जवाब – ऑपरेशन सिंदूर :
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद चुप नहीं बैठा। भारतीय सेना ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त किया। इसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें मुदासिर अहमद जैसे हाई वैल्यू टारगेट भी शामिल थे। भारतीय वायुसेना और सेना की इस संयुक्त कार्रवाई ने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया कि अब कोई भी आतंकी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तान फिर बेनकाब
सैफुल्लाह कसूरी की रैली और उसके शर्मनाक बयानों ने एक बार फिर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब कर दिया है। आतंकियों को मंच, माइक और मंशा देने वाला पाकिस्तान आज खुद अपने ही फंड किए गए आतंक से परेशान है। भारत के खिलाफ चल रही साजिशों का यह चेहरा दुनिया को साफ दिखाना अब और भी ज़रूरी हो गया है।
Editorial

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