Udaipur News
बांसवाड़ा (प्रातःकाल संवाददाता)।
कहते हैं प्रेम अंधा होता है। इसी के चलते कई ऐसी सच्ची कहानियां बन जाती है जो सिवाय दर्द के कुछ और नहीं देती। ऐसा ही मामला जिले के घाटोल थाना क्षेत्र में देखने को मिला। जब एक प्रेमी ने बिना विवाह के ही अपनी प्रेमिका को अपने साथ घर पर रखा। चार-पांच माह से दोनों साथ ही रह रहे थे कि इस दौरान प्रेमिका के पास किसी के फोन आने लगे। ये फोन प्रेमी बर्दाश्त नहीं कर पाया तो प्रेमिका से समझाईश को। नहीं मानी तो उसका गला घोंट दिया। रात भर शव के साथ ही सोता रहा और दूसरे दिन अपने भाई के साथ मिलकर प्रेमिका के शव को दफना दिया।
घाटोल थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया ने बताया कि 24 मई को लालिया पुत्र कालिया निनामा निवासी झाकरनिया ने रिपोर्ट दी कि उसकी पुत्री विपाशा कुछ समय से उसके प्रेमी प्रदीप निनामा निवासी गरनावट के साथ रहती थी। करीब तीन-चार दिन से गायब है। प्रार्थी ने अपनी पुत्री विपाशा की हत्या का अंदेशा जताया। इस पर प्रथम दृष्टया मामला हत्या कर शव को छुपाने की आशंका होने पर उच्चाधिकारियों को घटना के संबंध में अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने घटना की गंभीरता पर त्वरित कार्यवाही कर मामले का पर्दाफाश करने के निर्देश दिये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज के सुपरविजन एवं पुलिस उप अधीक्षक वृत घाटोल महेन्द्र कुमार के निकटत पर्यवेक्षण में घाटोल थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीम गठित की। टीम ने प्रदीप की तलाश करने के लिए जगह-जगह दबीशें दी और आरोपी को खमेरा थाना क्षेत्र के अमरपुरा से उसके रिश्तेदारों के घर से डिटेन किया। पूछताछ करने पर प्रदीप मनगढंत कहानियां सुनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।
पहले तो उसने बताया कि विपाशा उसके पास नहीं है वह बिना बताए कहीं पर चली गई है। लेकिन पुलिस टीम ने आरोपी प्रदीप से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह व विपाशा लगभग चार-पांच माह से बिना विवाह किए ही साथ में रहते थे जिसका सामाजिक भांजगड़ा भी नहीं हुआ था। 20 मई को रात्रि में विपाशा ने अपनी ओडनी से फंदा लगाकर घर में आत्महत्या कर ली थी। सामाजिक भांजगड़े में राशि नहीं देनी पड़े इस कारण उसने विपाशा की लाश को खेत में गड्डा खोदकर दफना दिया है।

आरोपी प्रदीप की सूचना पर मृतका विपाशा की लाश की दस्तियाबी की जानी थी जिस पर कानूनी प्रावधान के अनुसार एसडीएम घाटोल को तेहरीर दी। इस पर घाटोल तहसीलदार हाबुलाल मीणा मौके पर आये एवं आरोपी प्रदीप की निशादेही से मृतका विपाशा की लाश को आरोपी प्रदीप के खेत में दफनाई हुई चार दिन पुरानी लाश को निकलवाकर मृतका के पिता से शिनाख्तगी करवाई गई। मृतका के पिता लालिया ने उक्त लाश उसकी पुत्री विपाशा की होना बताया। इसके बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पीएम करवाया गया। थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रदीप द्वारा बताई गई कहानी पर पुलिस को विश्वास नहीं हुआ। अभियुक्त से वारंबार पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और अंत में बताया कि विपाशा आये दिन एवं किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बात करती थी जिसका उसने विरोध किया था। कई बार उसको समझाया भी लेकिन उसकी आदत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसने बताया कि 20 मई रात्रि में वह व विपाशा घर में सोए थे कि इस दौरान एक लड़के का फोन आया जिस पर उसने विपाशा को कहा कि किसका फोन है जिस पर उसने गुस्सा करते हुए
फोन से नंबर डिलीट कर दिया एवं उसे थप्पड़ मारा। इसके बाद हमारे बीच हाथापाई हो गई और आरोपी ने गला दबा विपाशा की हत्या कर दी। रातभर लाश के पास सोता रहा और सुबह घर के बाहर ताला लगाकर वहां से चला गया। बाद में अपने भाई प्रवीण को घटना के बारे में बताया। जिस पर भाई प्रवीण शाम को घर आया एवं उसने अपने भाई प्रवीण के साथ मिलकर रात को विपाशा के शव को अपने खेत में दफनाने की योजना बनाई रात्रि लगभग 11-12 बजे दोनों भाईयों ने मिलकर खेत में खड्डा खोदकर शव बाइक पर ले जाकर खेत में दफना दिया। दूसरे दिन उसका भाई प्रवीण काम पर चला गया और वह रिश्तेदारी में घुमता रहा। थानाधिकारी सिसोदिया ने बताया कि प्रकरण में आरोपी प्रदीप पुत्र दिनेश निनामा निवासी गरावट थाना घाटोल की गिरफ्तार की गई। अन्य आरोपी प्रवीण निनामा की तलाश जारी है।
Editorial

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