MSP में बढ़ोतरी से खुश किसान; मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है, जिसमें ब्याज छूट को जारी रखने का समर्थन किया गया है। साथ ही, रतलाम से नागदा के बीच रेलवे लाइन को चौड़ी करके 4 लेन करने की मंजूरी भी दी गई है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

28 मई 2025 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए बड़ी राहत देने वाले और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 69 रुपये बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दी है, जिससे किसानों को करीब 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही किसानों के लिए ब्याज छूट की योजना को भी जारी रखने का फैसला किया गया, जिसमें लगभग 15,642 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों को 2 लाख रुपये तक का लोन 4 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा, जो खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10-11 वर्षों में खरीफ फसलों के लिए MSP में लगातार बढ़ोतरी की गई है। इस बार भी खरीफ सीजन के लिए MSP को बढ़ाने का निर्णय किसानों के हित में लिया गया है। इसके तहत लागत का 50 फीसदी लाभ किसान को दिया जाएगा, ताकि फसल उत्पादन को प्रोत्साहन मिले और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
ब्याज छूट योजना के तहत, देश में 7.75 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड खाते हैं। इस योजना को जारी रखने से किसानों को सस्ते ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध होगा और उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर बनेगी। इसके अलावा, 2 लाख रुपये तक के लोन पर कोई गारंटी या सुरक्षा राशि की भी आवश्यकता नहीं होगी, जिससे किसानों को कर्ज लेना आसान होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश के रतलाम से नागदा के बीच रेलवे लाइन को 4 लेन करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी लंबाई लगभग 41 किलोमीटर है। इस कदम से रेलवे मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और माल-यात्रियों के आवागमन में सुधार होगा। इसी तरह, महाराष्ट्र के वर्धा से तेलंगाना के बल्लारशाह तक की रेल लाइन को भी 4 लेन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश में बडवेल से गुरुविंदपुडी तक 4-लेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी मिली है। यह हाईवे लगभग 108 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 3,653.10 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपने फैसलों से न सिर्फ किसानों को वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है, बल्कि देश के यातायात और कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे को भी सशक्त बनाया है। ये फैसले ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विकास में सहायक साबित होंगे।
इस तरह, मोदी सरकार ने किसानों के लिए राहत और देश के विकास के लिए अहम निर्णय लेकर एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है, जिससे देश की कृषि और आर्थिक प्रगति को मजबूती मिलेगी।

