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IGI एयरपोर्ट की धमाकेदार छलांग; एशिया के टॉप 10 में शामिल!
By EditorialPublished on
दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) अब सिर्फ देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि एशिया और मिडिल ईस्ट के टॉप 10 एयरपोर्ट्स में अपनी जगह बनाकर एक ‘ग्लोबल गेटवे’ के रूप में उभर रहा है। एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, अब भारतीय एयरलाइंस भी वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे दिल्ली को एक ग्लोबल एयर ट्रांजिट हब में बदलने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है। यात्रियों की सुविधाएं, इंटरनेशनल कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने IGI को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर खा

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भारत की राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) अब केवल देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा नहीं रहा, बल्कि वह एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट के टॉप 10 हब एयरपोर्ट्स में अपनी जगह बनाकर ‘ग्लोबल गेटवे’ के रूप में दुनिया में पहचान बना रहा है। यह जानकारी एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा हाल ही में जारी 2024 एयर कनेक्टिविटी रैंकिंग में सामने आई है।
इस लिस्ट में IGI एयरपोर्ट को एशिया और मिडिल ईस्ट के टॉप 10 हब एयरपोर्ट्स की सूची में शामिल किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि दिल्ली अब न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अहम ट्रांजिट हब बनता जा रहा है।
भारत से सिर्फ दिल्ली को मिली जगह :
ACI की इस रैंकिंग में भारत से केवल दिल्ली एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। इसका अर्थ है कि IGI एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और ट्रांसफर यात्राओं के लिए भारत का सबसे अहम केंद्र बन चुका है। यह उपलब्धि न सिर्फ दिल्ली के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि इससे भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी और विमानन उद्योग की ताकत का प्रदर्शन होता है।
कितने शहरों से जुड़ा है IGI एयरपोर्ट ?
दिल्ली एयरपोर्ट फिलहाल 153 शहरों से सीधा जुड़ा है। इसमें 81 घरेलू शहर जैसे कि मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं, वहीं 72 अंतरराष्ट्रीय शहर जैसे टोक्यो, शिकागो, वॉशिंगटन, मॉन्ट्रियल और बाली शामिल हैं। इस विस्तारशील नेटवर्क के चलते अब दिल्ली एक प्रमुख वैश्विक ट्रैवल हब बनकर उभरा है।
एयरपोर्ट पर क्या बदला गया ?
IGI एयरपोर्ट ने बीते कुछ वर्षों में अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में बड़े स्तर पर सुधार किए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए नई टर्मिनल बिल्डिंग्स, आधुनिक इमिग्रेशन व्यवस्था और इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर को आसान बनाने वाले स्मार्ट कनेक्टिविटी सिस्टम लागू किए गए हैं। ई-वीज़ा वाले यात्रियों के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं, जिससे इमिग्रेशन प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और सरल हो गई है।
DIAL के CEO ने क्या कहा ?
दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी DIAL (Delhi International Airport Limited) के CEO विदेह कुमार जयपुरीयर ने इस अवसर पर कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख हब के रूप में पहचान मिलना हमारे लिए गर्व की बात है। हम भविष्य में यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”
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ट्रांसफर यात्रियों की संख्या दोगुनी :
पिछले 10 वर्षों में दिल्ली एयरपोर्ट से ट्रांसफर करने वाले यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है। सालाना करीब 40 लाख यात्री दिल्ली से एक घरेलू उड़ान लेकर इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ते हैं। दिल्ली से भारत की 88% लंबी दूरी की उड़ानें और 56% अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। इसका मतलब यह है कि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय यात्राएं अब दिल्ली से होकर गुजरती हैं।
भारत का इंटरनेशनल ट्रांजिट हब बन रहा IGI :
एयरपोर्ट ऑपरेटर का कहना है कि अब भारतीय एयरलाइंस भी वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट यानी बड़े विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों की संख्या बढ़ी है और ट्रैवल अनुभव बेहतर हुआ है। इससे IGI एयरपोर्ट को दुनिया के बड़े एयर ट्रांजिट हब्स की कतार में ला खड़ा किया गया है।
दिल्ली एयरपोर्ट की यह सफलता सिर्फ एक हवाई अड्डे की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और कनेक्टिविटी का प्रतीक है। 'ग्लोबल गेटवे' के रूप में IGI एयरपोर्ट अब भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों, पर्यटन और व्यापार में अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जाएगी, जिससे भारत का नाम वैश्विक विमानन मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा।

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