पटना में कोरोना की वापसी; AIIMS के डॉक्टर-नर्स पॉजिटिव
राजधानी पटना में कोरोना वायरस एक बार फिर सिर उठाने लगा है। मंगलवार को 6 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिससे पटना में संक्रमितों की कुल संख्या 8 हो गई है। चिंता की बात यह है कि इन सभी मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका जताई जा रही है। नए संक्रमितों में पटना एम्स के एक डॉक्टर और दो नर्स शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई है।
कौन-कहां से संक्रमित ?
नए मामलों में एक आरपीएस मोड़ निवासी व्यक्ति, भागवत नगर टीवी टावर के पास रहने वाले एक 46 वर्षीय व्यक्ति और फतुहा के मिर्जापुर नोहटा का एक 32 वर्षीय युवक भी शामिल हैं। भागवत नगर के मरीज को खांसी, सर्दी और बुखार था, वहीं फतुहा से आया युवक एनएमसीएच में आंख की सर्जरी के लिए आया था और जांच के दौरान उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अन्य जिलों में नहीं मिला कोई केस :
फिलहाल राहत की बात ये है कि बिहार के किसी अन्य जिले से कोरोना संक्रमण की खबर नहीं आई है। सभी 8 मरीज पटना से ही हैं, जिससे स्पष्ट है कि संक्रमण अभी तक सीमित है, लेकिन बढ़ते मामलों ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
पीएम के दौरे से पहले सुरक्षा जांच :
गुरुवार, 29 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पटना दौरा निर्धारित है। उनकी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस लाइन में तैनात 16 पुलिसकर्मियों के कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए हैं। हालांकि, इनकी रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और सुरक्षा बलों की जांच भी की जा रही है।
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एनएमसीएच में विशेष तैयारी :
एनएमसीएच (नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के अधीक्षक डॉ. रश्मि प्रसाद ने बताया कि भागवत नगर और फतुहा से आए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 100 बेड का विशेष कोविड वार्ड तैयार किया गया है। इस भवन का उद्घाटन 17 मई को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया था। तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और बाकी व्यवस्था एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी।
प्रशासन ने कसी कमर :
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार और औषधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइज़र और हैंड वॉश की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
पटना में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। डॉक्टर और नर्स तक के संक्रमित होने से स्थिति की गंभीरता साफ झलकती है। पीएम मोदी के दौरे से पहले यह हालात और भी संवेदनशील बन गए हैं। ऐसे में सतर्कता और सख्त निगरानी की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।
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