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बुराड़ी से पंचकुला तक; देश में सामूहिक आत्महत्याओं की दास्तान
By EditorialPublished on
एक बार फिर पूरा देश सदमे में, एक और परिवार ने सामूहिक रूप से ली जान – जानिए ऐसे और भी चौंकाने वाले मामले.. हरियाणा के पंचकूला में बीती रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक कार के अंदर सात लोगों के शव मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह आत्महत्या का मामला है। लेकिन यह कोई अकेला मामला नहीं है — देश में इससे पहले भी कई बार ऐसे सामूहिक खुदकुशी के मामले सामने आ चुके हैं, जिन्होंने पूरे समाज और व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया। बुराड़ी कांड से लेकर अन्य कई रहस्यमयी घटनाएं अब भी लोगों के ज़हन में ताज़ा

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हरियाणा के पंचकूला में बीती रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कार के अंदर एक ही परिवार के सात लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। माता-पिता, पति-पत्नी और तीन बच्चों ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह खबर सुनकर पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पंचकूला की यह घटना न सिर्फ दर्दनाक है बल्कि देश के उस काले सच की याद दिलाती है जिसमें पूरे परिवारों ने कभी कर्ज, कभी मानसिक दबाव, तो कभी अंधविश्वास के कारण सामूहिक आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठाया।
कार में मिलीं सात लाशें :
यह घटना सोमवार देर रात पंचकूला के सेक्टर-27 में हुई, जहां स्थानीय लोगों ने एक कार में संदिग्ध स्थिति में शव देखे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार का दरवाजा खोलने पर सामने आया कि उसमें एक ही परिवार के सात सदस्य मृत अवस्था में पड़े हैं। मृतकों में एक बुजुर्ग दंपती, एक युवा दंपती और तीन छोटे बच्चे शामिल थे। जांच में पता चला कि सभी लोग एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे थे और कार में बैठते ही उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी और कर्ज को इस कदम का कारण माना जा रहा है।
बुराड़ी कांड की यादें ताजा :
पंचकूला की यह घटना लोगों को 1 जुलाई 2018 को दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुए उस भयानक कांड की याद दिला रही है, जिसमें भाटिया परिवार के 11 सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी। यह केस देश भर में चर्चा का विषय बना रहा। परिवार के सदस्य धार्मिक अनुष्ठानों और तंत्र-मंत्र के चक्कर में इस हद तक पहुंच गए कि उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर और हाथ-पैर बांधकर खुद को फांसी पर लटका लिया। जांच एजेंसियों ने करीब तीन साल तक इस केस की जांच की, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस कारण सामने नहीं आया।
वसंत कुंज की घटना – चार बेटियों संग पिता ने खाई ज़हर :
दिल्ली के वसंत कुंज में भी एक दुखद घटना सामने आई थी, जहां एक पिता ने अपनी चार बेटियों के साथ जहर खाकर जान दे दी थी। यह मामला रंगपुरी गांव का था। आर्थिक तंगी और कर्ज का बोझ इस आत्मघाती कदम की वजह बना। पड़ोसियों को जब घर से बदबू आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर पुलिस ने पांचों शव बरामद किए।
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मध्य प्रदेश में फांसी लगाकर दी जान :
पिछले साल मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों ने सामूहिक रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव एक साथ फांसी पर लटके मिले। यह मामला भी कई सवालों को छोड़ गया, जिनका जवाब अब तक नहीं मिल सका है।
सूरत की घटना – जहरीले रिश्तों का खौफनाक अंत
साल 2023 में गुजरात के सूरत से भी एक दर्दनाक खबर आई थी, जहां एक ही परिवार के सात लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। इस परिवार में आठ साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल थे। पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला उसमें बताया गया कि परिवार के मुखिया ने पहले अपनी पत्नी को ज़हर दिया, फिर बच्चों और माता-पिता को भी ज़हर देकर खुद भी आत्महत्या कर ली।
क्या है कारण ?
इन सभी मामलों में एक बात समान है – मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दबाव। कहीं कर्ज ने जिंदगी को लील लिया, तो कहीं अंधविश्वास ने परिवारों को अंधेरे में धकेल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर काउंसलिंग बेहद ज़रूरी है।

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