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नासिक का जूलर और कर्मचारी गिरफ्तार, तस्करी का साढ़े 4 करोड़ का सोना-चांदी बरामद
By EditorialPublished on
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नासिक के एक जूलर और उसके कर्मचारी को गिरफ्तार किया और 4.5 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बरामद किया। जूलर के घर की तलाशी में 80 किलो चांदी के ईंट, जिनकी कीमत 85 लाख रुपये थी, और 74 लाख रुपये नकद मिले।
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मुंबई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नासिक के एक जूलर और उसके कर्मचारी को गिरफ्तार किया और 4.5 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बरामद किया। जूलर के घर की तलाशी में 80 किलो चांदी के ईंट, जिनकी कीमत 85 लाख रुपये थी, और 74 लाख रुपये नकद मिले।
पूछताछ के दौरान कर्मचारी ने एजेंसी को बताया कि वह नियमित रूप से मुंबई से सोना लेकर आता था और नासिक और धुले में विभिन्न पार्टियों को सप्लाई करता था।
जूलर की पहचान अनिल हाजारीमल जैन (48) और उसके कर्मचारी की पहचान फिरोज खान शिकालकर (44) के रूप में हुई है। डीआरआई ने बुधवार को फिरोज खान द्वारा चलाई जा रही एक कार को रोका और 4.26 करोड़ रुपये मूल्य के बार और आभूषण के रूप में सोना बरामद किया था।
पूछताछ के दौरान खान ने बताया था कि वह सिर्फ एक कर्मचारी है और कार उसके नियोक्ता जूलर अनिल जैन की है।
अधिकारियों ने फिर जैन के व्यवसायिक परिसर की तलाशी ली, जहां से चांदी और नकद बरामद हुआ। खान ने आगे बताया कि जैन ने उसे नासिक स्थित एस कांतीलाल जेम्स एंड जूलर्स को डिलीवरी के लिए सोने के पैकेट दिए थे। खान ने कहा कि वह नियमित रूप से अपने नियोक्ता की ओर से तस्करी का सामान ले जाता था और नासिक और धुले के विभिन्न जूलर्स को देता था।
गुरुवार को अधिकारियों ने जैन को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि जब्त माल उसका है और उसके पास इस सोने का कोई कानूनी दस्तावेज या रसीद नहीं है और उसने सोने के स्रोत को बताने से इंकार कर दिया।
डीआरआई ने कहा कि यह तो केवल एक झलक हो सकती है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय संपर्क वाले और भी कई लोग शामिल हैं, और यह विदेशी मूल का सोना देश में तस्करी कर लाया जाता है और व्यवस्थित रूप से वितरित किया जाता है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है।

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