इंडियंस का तुर्किए को झटका; Turkish Airlines की उड़ानें ठप
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव का असर अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर तुर्किए को भारतीयों की नाराजगी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तुर्किए के टूरिज्म और एविएशन सेक्टर में इस समय जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है, और इसकी सबसे बड़ी मिसाल Turkish Airlines के गिरते हुए शेयर हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी तुर्किए से नाराज़गी :
भारत ने हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस सैन्य ऑपरेशन के बाद तुर्किए ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया, जिससे भारतीय जनमानस में गुस्सा भड़क गया। सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey ट्रेंड करने लगा और लोगों ने तुर्किए के खिलाफ आर्थिक विरोध की मुहिम शुरू कर दी।
भारी संख्या में फ्लाइट कैंसिल, बुकिंग्स में गिरावट :
इस नाराज़गी का सबसे बड़ा असर भारतीय पर्यटकों की तुर्किए यात्रा पर पड़ा है। ट्रैवल पोर्टल MakeMyTrip के मुताबिक, सिर्फ एक हफ्ते में तुर्किए के लिए फ्लाइट बुकिंग्स में करीब 60% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि टिकट कैंसिलेशन में 250% की बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा EaseMyTrip, Yatra और अन्य प्रमुख बुकिंग वेबसाइट्स पर भी तुर्किए के लिए ट्रैवल सर्च में गिरावट देखी गई है।
इंडियन टूरिस्ट्स से तुर्किए को कितना नुकसान ?
EaseMyTrip के चेयरमैन न‍िशांत पिट्टी के अनुसार, 2023 में करीब 2.87 लाख भारतीय पर्यटक तुर्किए गए थे, जो 2022 के मुकाबले 25% अधिक थे। प्रत्येक भारतीय पर्यटक औसतन 1 लाख से 1.3 लाख रुपये तुर्किए में खर्च करता है। इसका मतलब है कि सिर्फ 2023 में भारतीयों ने तुर्किए में लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए।
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अब जब फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं और नई बुकिंग्स बंद हो गई हैं, तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में तुर्किए को सैकड़ों करोड़ का नुकसान झेलना पड़ सकता है। भारतीय पर्यटकों की अनुपस्थिति न केवल होटल्स और गाइड्स को प्रभावित करेगी, बल्कि लोकल बिजनेस, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट्स को भी बड़ा झटका लगेगा।

Turkish Airlines के शेयरों में गिरावट :
Turkish Airlines को इस विरोध का सीधा असर अपने शेयर बाजार प्रदर्शन में देखने को मिला है। कंपनी के शेयर 312.75 तुर्किश लिरा से गिरकर 279.75 लिरा तक पहुंच गए हैं, यानी लगभग 10.5% की गिरावट। निवेशकों को आशंका है कि भारतीय यात्रियों की बुकिंग्स में गिरावट और टिकट कैंसिलेशन की वजह से कंपनी का अगला वित्तीय तिमाही कमजोर रह सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड कुछ हफ्ते और जारी रहा, तो Turkish Airlines को अपनी इनकम और ऑपरेशनल प्लानिंग में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक दबाव :
तुर्किए के राजनीतिक स्टैंड का असर सिर्फ उसकी कूटनीति तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब यह उसकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार तक जा पहुंचा है। भारत के लाखों टूरिस्ट्स ने यह साबित कर दिया है कि उनके सामूहिक फैसलों का अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात तो स्पष्ट हो गई है, आधुनिक दौर में नागरिकों की आवाज सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गूंजती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तुर्किए अपने स्टैंड में कोई बदलाव करता है या नहीं।
Editorial

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