पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक: विकसित भारत के लिए रोडमैप पर चर्चा।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर विचार विमर्श किया गया। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसका विषय "विकसित राज्य के लिए विकसित भारत@2047" था।
ममता बनर्जी की अनुपस्थिति
इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उपस्थित नहीं थीं। उन्होंने इस बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया। उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को बढ़ावा दिया है।
बैठक के एजेंडे में क्या था?
बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर चर्चा की गई। इसमें केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, बजट 2025-26 में की गई पहलों और भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार विमर्श होने की उम्मीद है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियाँ
बैठक में भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन की ओर से जवाबी शुल्क लगाए जाने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किलों का सामना कर रही है। हालांकि, भारत की चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.2-6.7 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद है।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय
बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र और राज्यों के बीच संयुक्त परियोजनाओं और कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग का होना बहुत जरूरी है। बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोडमैप पर चर्चा की गई।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर चर्चा की गई। इसमें केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। ममता बनर्जी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को बढ़ावा दिया है। भारत की चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.2-6.7 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन की ओर से जवाबी शुल्क लगाए जाने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किलों का सामना कर रही है।
Editorial

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