16 साल बाद अनोखा संयोग; केरल में 24 घंटे में पहुंचेगा मानसून
देश में इस बार मानसून ने चौंकाने वाली रफ्तार पकड़ी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून अगले 24 घंटों में केरल में दस्तक देने वाला है। यह अपने तय समय से लगभग एक हफ्ते पहले आ रहा है, जो कि पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी है। 2009 और 2001 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि 23 मई को ही मानसून केरल पहुंच रहा है।
केरल और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियाँ बन चुकी हैं। निम्न दबाव और आगे बढ़ती मानसूनी प्रणाली के चलते राज्य के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से भारी बारिश हो रही है।
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दक्षिण भारत में बारिश का कहर :
IMD ने 24 मई को केरल, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। केरल और तटीय कर्नाटक में 29 मई तक भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक रुक-रुक कर बारिश के आसार हैं।
महाराष्ट्र और गोवा में रेड अलर्ट :
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है और रेड अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बिजली चमकने, गरज और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। गोवा के लिए भी रविवार तक भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य सरकार ने लोगों को नदियों और झरनों से दूर रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR में हल्की बारिश की संभावना :
उधर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। IMD ने दक्षिण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मानसून का रिकॉर्ड: सबसे जल्दी और सबसे देर से
केरल में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 1 जून होती है, लेकिन 1918 में यह सबसे पहले 11 मई को पहुंचा था। वहीं, 1972 में सबसे देरी से, यानी 18 जून को मानसून आया था। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून 2016 में आया था, जब 9 जून को केरल में दस्तक दी थी।
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