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बेटी के लिए टूटा पिता का दिल सरकार से मांगी मदत ; ज्योति के पिता की भावुक अपील
By EditorialPublished on
पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई ज्योति मल्होत्रा को लेकर उसके पिता हरीश मल्होत्रा ने सरकार से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा है कि वह गरीब हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि अपनी बेटी के लिए वकील

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पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई ज्योति मल्होत्रा को लेकर उसके पिता हरीश मल्होत्रा ने सरकार से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा है कि वह गरीब हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि अपनी बेटी के लिए वकील कर सकें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।
पिता की टूटी हुई आवाज में मदद की पुकार :
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में हरीश मल्होत्रा ने कहा, “ज्योति को पुलिस ने शक के आधार पर पकड़ा है। कल (22 मई) को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि मैं कोई वकील कर सकूं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि हमें वकील उपलब्ध कराए। अगर सरकार ये कर दे तो बहुत मेहरबानी होगी।”
उन्होंने बताया कि ज्योति के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। उन्हें अब तक यह भी नहीं बताया गया है कि ज्योति पर किस चीज का शक किया जा रहा है।
ज्योति की डायरी भी पुलिस के पास :
हरीश मल्होत्रा ने यह भी बताया कि पुलिस उनकी बेटी की एक डायरी भी साथ ले गई है। हालांकि, उन्हें यह नहीं मालूम कि उस डायरी में क्या लिखा था। उन्होंने कहा, “वो एक पर्ची पर दवाइयों के नाम लिखकर गई थी। वो दवाइयां मेरे बड़े भाई पप्पू के लिए थीं। एक डायरी तो पुलिस वाले ले गए हैं, लेकिन मुझे नहीं पता उसमें क्या लिखा था।”
“ज्योति कहती थी, दिल्ली जा रही हूं” :
पिता ने बताया कि उनकी बेटी ज्योति कभी-कभी एक ही दिन में लौट आती थी और कभी-कभी तीन से चार दिनों तक बाहर रहती थी। जब भी वह बाहर जाती थी, तो यही कहती थी कि “दिल्ली जा रही हूं”। उन्होंने कहा, “मेरे पास छोटा फोन है, मैं वीडियोज वगैरह नहीं देखता।”
बीमार पिता, कोई साथ नहीं :
ज्योति के पिता ने यह भी कहा कि वह बीमार हैं और चल-फिर नहीं सकते। उनके पास न कोई रिश्तेदार है और न कोई पड़ोसी, जो इस समय उनकी मदद कर सके। उन्होंने कहा, “मैं तो बीमार हूं। मुझसे चला नहीं जाता। तीन-चार दिन से तबीयत खराब है।” अदालत में ज्योति की पेशी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह अदालत नहीं जा सकते।
क्या है मामला ?
ज्योति मल्होत्रा को हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह संवेदनशील सूचनाएं दुश्मन देश को भेज रही थी। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। उसके फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मानवाधिकार और कानूनी सहायता की जरूरत :
इस मामले में जहां देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, वहीं आरोपी के परिवार की हालत भी गंभीर चिंता का विषय है। भारत में हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी सहायता का अधिकार है। ऐसे में ज्योति के पिता की मांग को नजरअंदाज करना संविधान के मूल अधिकारों के खिलाफ होगा।
नजरें अब सरकार पर :
अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में किस तरह से प्रतिक्रिया देती है। क्या ज्योति मल्होत्रा को सरकारी वकील मिल पाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। इस मामले ने एक बार फिर उस गहरी खाई को उजागर कर दिया है जो गरीब और असहाय नागरिकों को न्याय पाने के अधिकार से दूर करती है।

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