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उद्घाटन पूर्व पुनर्विकसित हयबरगाँव रेलवे स्टेशन पर
By EditorialPublished on
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) के अधीन हयबरगाँव रेलवे स्टेशन सहित 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।
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मालीगांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) के अधीन हयबरगाँव रेलवे स्टेशन सहित 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। असम के नगांव जिला स्थित हयबरगाँव ऐतिहासिक महत्व रखता है, जो चाय की खेती और आधुनिक शिक्षा में नगांव की प्रसिद्धि के कारण ब्रिटिश शासन के दौरान एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। मूलतः 1887 में स्थापित यह स्टेशन अब एक विश्व स्तरीय सुविधा में बदल गया है, जो अपनी सुंदर वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के लिए प्रशंसा प्राप्त कर रहा है।
20 मई को, पू. सी. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम, स्थानीय मीडिया कर्मियों के साथ, उक्त रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकसित और उन्नत यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करने और उन्हें प्रदर्शित करने के लिए स्टेशन का दौरा किया। जनता की प्रतिक्रिया अत्यधिक सकारात्मक थी। बुजुर्ग आगंतुकों ने अतीत में कोयला से चलने वाले भाप इंजन और एक सामान्य से स्टेशन भवन को याद किया और विशाल क्षेत्रों एवं यात्री-अनुकूल सुविधाओं की एक विस्तृत श्रृंखला सहित व्यापक सुधारों पर आश्चर्य व्यक्त किया।
गुवाहाटी निवासी शाहिल कुमार राय जैसे यात्री, जो पास के महामृत्युंजय मंदिर में दर्शन करने आए थे, स्टेशन के परिवर्तन से विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि एक समय साधारण माना जाने वाला यह स्टेशन अब एक भव्य प्रवेश द्वार, विशाल सभा क्षेत्र, व्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, मॉड्यूलर और सुलभ शौचालय, रैंप और उपयोगकर्ता के अनुकूल टिकट काउंटर सुविधाओं से लैस हो गया है। उन्होंने कहा कि एक छोटा स्टेशन होने के बावजूद, हयबरगाँव अब बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं के मामले में कई अन्य स्टेशनों से आगे निकल गया है।
स्टेशन को भित्ति चित्रों और थीम आधारित मूर्तियों से भी सुसज्जित किया गया है, जो असमिया संस्कृति और विरासत को खूबसूरती से दर्शाते हैं और स्टेशन के आकर्षण को बढ़ाते हैं। पू. सी. रेलवे जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और यात्रा के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एबीएसएस के तहत असम के 50 रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि असम के लोग जल्द ही उन्नत, कुशल और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रेलवे बुनियादी संरचना से लाभान्वित होंगे। इस तरह पू. सी. रेलवे पर कनेक्टिविटी एक आधुनिक उन्नत दृष्टिकोण के साथ तैयार होने को अग्रसर है।

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