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अली खान महमूदाबाद जेल भेजे गए प्रोफेसर; कोर्ट की कार्रवाई
By EditorialPublished on
हरियाणा के सोनीपत स्थित एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद शैक्षणिक जगत में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के तहत अब प्रोफेसर को कुछ दिनों तक हिरासत में रखा जाएगा।

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हरियाणा के सोनीपत स्थित एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोनीपत जिला न्यायालय ने सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई उन विवादित टिप्पणियों को लेकर की गई है, जो उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और सेना की महिला अधिकारियों को लेकर कथित रूप से सोशल मीडिया पर की थीं। इन टिप्पणियों के बाद दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं और मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी संवेदनशील बन गया है।
दिल्ली से हुई गिरफ्तारी, पुलिस को नहीं मिली रिमांड :
प्रोफेसर अली खान को हरियाणा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत से 7 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी ताकि उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस की इस मांग को खारिज कर दिया और उन्हें सीधे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब प्रोफेसर को जेल में रखा जाएगा और इस बीच जांच एजेंसियां अन्य साक्ष्य एकत्र करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे प्रोफेसर, सुनवाई संभवतः 21 मई को
इस बीच, प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती दी है। सूत्रों के अनुसार, इस याचिका पर 21 मई (बुधवार) को सुनवाई हो सकती है। प्रोफेसर की ओर से यह दावा किया गया है कि उनकी गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
दो अलग-अलग केस, गंभीर धाराएं शामिल :
प्रोफेसर अली खान के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मामला गांव जटेड़ी के सरपंच द्वारा दर्ज कराया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 197, 152 और 299 लगाई गई हैं। यह मामला उनकी 'ऑपरेशन सिंदूर' पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे सेना का अपमान माना गया है।
दूसरा केस हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज हुआ है। इसमें आरोप है कि प्रोफेसर ने सेना की महिला अधिकारियों के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस की अनदेखी की। इस मामले में धारा 353, 79, 152 और 169(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी :
हरियाणा पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और देश की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़ा हुआ है। डीसीपी कादियान ने बताया कि “प्रोफेसर अली से पूछताछ जारी है और उनके बयानों तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की गहनता से जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों को भी चिन्हित किया जा सकता है।”
अशोका यूनिवर्सिटी की स्थिति स्पष्ट नहीं :
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी, सोनीपत में कार्यरत हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जनमत दो धड़ों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे देशविरोधी बयानबाजी करार दे रहे हैं।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्वतंत्रता बनाम जिम्मेदारी, अभिव्यक्ति बनाम आस्था, और कानून बनाम नैतिकता जैसे कई संवेदनशील पहलू जुड़े हुए हैं। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आगामी जांच पर टिकी हैं कि यह मामला किस दिशा में बढ़ता है।

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