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NIFTY ने तोड़ा 24800 का स्तर,ऑटो-फार्मा सेक्टर में भूचाल !
By EditorialPublished on
सप्ताह की शुरुआत बाजार के लिए निराशाजनक रही। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 271 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से मूडीज द्वारा अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाने और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के चलते देखने को मिली। इसके साथ ही आईटी और बैंकिंग सेक्टर में तेज बिकवाली ने सेंटीमेंट को और भी कमजोर किया।

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार दो दिन की गिरावट के बाद मंगलवार, 20 मई 2025 को निवेशकों को थोड़ी राहत की उम्मीद थी। बाजार की शुरुआत भी हरे निशान में हुई, लेकिन यह मजबूती ज्यादा देर टिक नहीं सकी। सुबह करीब 9:15 बजे, बीएसई सेंसेक्स 139 अंक ऊपर चढ़ा और निफ्टी भी 25,000 के करीब जाकर खुला। हालांकि, दिन चढ़ते ही बाजार में फिर से बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स 600 अंक तक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 24,800 के नीचे आ गया।
बिकवाली की चपेट में बैंकिंग, ऑटो और फार्मा सेक्टर :
मंगलवार को जो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए, उनमें बैंकिंग, ऑटो और फार्मास्युटिकल्स सेक्टर प्रमुख रहे। निवेशकों ने इन क्षेत्रों के शेयरों में भारी मुनाफावसूली की, जिससे बाजार को तगड़ा झटका लगा।
वहीं आईटी कंपनियों के शेयर, जो सोमवार को भी नुकसान में थे, मंगलवार को भी गिरावट का सिलसिला नहीं रोक पाए। इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नुकसान में ट्रेड करते दिखे।
इसके विपरीत कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इनमें पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एसबीआई और इंडसइंड बैंक शामिल हैं, जिन्होंने बाजार की गिरावट के बीच मजबूती दिखाई।
पिछले दो दिनों की गिरावट का असर :
इससे पहले सोमवार को भी बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। बीएसई सेंसेक्स 271.17 अंक यानी 0.33% की गिरावट के साथ 82,059.42 पर बंद हुआ था। दिन के दौरान सेंसेक्स एक समय 366 अंक तक टूट गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 74.35 अंक यानी 0.30% की गिरावट के साथ 24,945.45 पर बंद हुआ।
यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेत और अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग में आई गिरावट की वजह से हुई थी।
मूडीज की रेटिंग और अमेरिका का असर :
बाजार की इस गिरावट में मूडीज द्वारा अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाना एक बड़ी वजह मानी जा रही है। मूडीज ने अमेरिका के 36 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज का हवाला देते हुए उसकी रेटिंग को घटाकर ‘AA1’ कर दिया है। इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ा है और भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे। लेमन मार्केट्स डेस्क एनालिस्ट गौरव गर्ग के मुताबिक, "अमेरिका की रेटिंग में गिरावट, वैश्विक अस्थिरता और आईटी कंपनियों में बिकवाली के कारण निवेशकों का विश्वास डगमगाया है। इससे बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।"
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते और अमेरिका की आर्थिक स्थिरता को लेकर स्थिति नहीं सुधरती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके अलावा, आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की रणनीति, कंपनियों के तिमाही नतीजे और घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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