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Waves Summit में ऐलान; YouTube का भारत में 850 करोड़ निवेश
By EditorialPublished on
यूट्यूब ने अगले दो सालों में भारत में क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए 850 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश भारत में डिजिटल सामग्री निर्माण को और भी सशक्त बनाएगा और यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर क्रिएटिविटी और इन्काम के नए अवसर पैदा करेगा।
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5/2/2025 5:06:17 PM
गूगल के स्वामित्व वाला प्रमुख ऑनलाइन वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अगले दो सालों में भारत में कंटेंट क्रिएशन इकोनॉमी को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए 850 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है। यह घोषणा मुंबई में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) के पहले एडिशन में यूट्यूब के CEO नील मोहन ने की। इस निवेश से यूट्यूब भारत में क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को अधिक अवसर प्रदान करेगा।
नील मोहन ने बताया कि पिछले तीन सालों में यूट्यूब ने भारत में कंटेंट क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत को 'क्रिएटर्स नेशन' के रूप में उभरा हुआ बताया, जहाँ पिछले साल 100 मिलियन से ज्यादा भारतीय चैनलों ने यूट्यूब पर कंटेंट अपलोड किया। इसके अलावा, 15,000 चैनल ऐसे हैं जिन्होंने एक मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार किया है।
भारत बनेगा डिजिटल कंटेंट का वैश्विक केंद्र :
नील मोहन ने कहा कि यूट्यूब की क्षमताओं ने इसे एक 'कल्चरल एक्सपोर्ट इंजन' बना दिया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत अब सिर्फ फिल्म और संगीत बनाने के लिए नहीं, बल्कि क्रिएटर्स के लिहाज से भी दुनिया में सबसे आगे है। यूट्यूब ने इन क्रिएटर्स को ऐसा प्लेटफार्म प्रदान किया है जहां वे अपने जुनून को एक सफल बिजनेस में बदल सकते हैं और वैश्विक स्तर पर फैंस बना सकते हैं।
WAVES 2025: एक ग्लोबल हब की दिशा में कदम :
WAVES 2025 का आयोजन चार दिन के लिए किया गया है, और इसका उद्देश्य भारत को मीडिया, एंटरटेनमेंट और डिजिटल इनोवेशन के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करना है। इस समिट में दुनिया भर के क्रिएटर्स, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री लीडर्स और पॉलिसीमेकर्स एक साथ आएंगे, और इसका टैगलाइन 'कनेक्टिंग क्रिएटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज' है। यूट्यूब के इस कदम से भारत में क्रिएटिविटी और डिजिटल इंनवेशन को एक नया आयाम मिलेगा और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री की नई संभावनाएं खुलेंगी।

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