SP MLA Erupts Over House Arrest: ‘This Is Democracy’s Murder’
5/2/2025 2:39:14 PM
अलीगढ़ में दलित युवक के साथ हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर राजनीति गर्मा गई है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. रामजी लाल सुमन को अलीगढ़ जाने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया और हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सांसद को नोटिस थमाया, लेकिन सुमन ने इसे लोकतंत्र और दलित अधिकारों पर हमला करार दिया।
क्या बोले रामजी लाल सुमन ?
सपा सांसद सुमन जैसे ही अलीगढ़ के लिए घर से रवाना हुए, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस पर नाराज सांसद ने कहा, "हमारी सुरक्षा के नाम पर हमें घर में नजरबंद किया जा रहा है, जबकि खुराफाती लोग और गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। अगर हमारे कार्यकर्ता भी तलवारें लेकर निकलें, तो फिर आप क्या करेंगे?" सड़क पर बैठे धरने पर, कहा- या तो जाने दो या पीड़ित परिवार को मिलाओ, काफी बहस और विरोध के बावजूद जब पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया, तो सुमन अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा कि या तो उन्हें अलीगढ़ जाने दिया जाए, या फिर पीड़ित दलित परिवार को उनके घर लाकर मिलवाया जाए, ताकि वे उसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से मिलवा सकें।
क्या है पुलिस का पक्ष ?
वहीं, पुलिस प्रशासन ने अपने नोटिस में कहा है कि अलीगढ़ में स्थिति संवेदनशील है और सांसद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें यात्रा करने से रोका गया है। पुलिस का दावा है कि यह फैसला उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में। सुरक्षा कारणों से रोका गया हैं।
"दलितों पर बढ़ते अत्याचार का प्रतीक है ये सरकार" - सुमन का आरोप :
मीडिया से बात करते हुए सपा सांसद ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, "दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भाजपा सरकार आंख मूंदकर बैठी है और जब कोई आवाज उठाता है, तो उसे घर में कैद कर दिया जाता है।" दलित युवक से मारपीट की घटना पर सपा सांसद की सक्रियता और पुलिस की रोक-टोक ने इस मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस विवाद को कैसे संभालता है और सपा इसे किस तरह से आगे उठाती है।
Editorial

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