Photos Out: Keshav Maurya Meets Friend After Caste Census
5/2/2025 3:38:20 PM
केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज़ हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले को एनडीए के सहयोगी दल “मास्टर स्ट्रोक” बताते हुए सराहना कर रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने लखनऊ स्थित सात कालिदास मार्ग पर मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और इसे "शिष्टाचार भेंट" बताया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे जातीय जनगणना के मुद्दे पर आगे की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। केशव मौर्य (Keshav Maurya) ने इस मुलाकात को विकास परियोजनाओं पर चर्चा के रूप में बताया, वहीं संजय निषाद ने साफ कहा कि वह प्रधानमंत्री के फैसले पर उन्हें धन्यवाद देने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "जातिगत जनगणना ऐतिहासिक फैसला है, जिससे पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों को हक मिलेगा।"
विरोधियों पर साधा निशाना :
मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम मौर्य ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस, सपा और राजद अब जाति जनगणना का झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनके पास मौका था, तब ये सिर्फ दिखावे की बात करते थे। आज जब पीएम मोदी ने साहसिक फैसला लिया है तो उनकी राजनीति बौखलाहट में बदल गई है।” उन्होंने कहा कि पिछड़े और वंचित वर्गों को असली सम्मान मोदी राज में मिला है और यह जनगणना देश के सामाजिक ताने-बाने को न्यायोचित तरीके से सशक्त बनाएगी।
राजनीतिक संकेत साफ :
माना जा रहा है कि यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि जातीय गणना के बहाने एनडीए की पिछड़े वर्गों में पकड़ मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है। अब जब बीजेपी सहयोगी दलों के साथ खुलकर इस पर लामबंद हो रही है, तो आने वाले चुनावों में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
Editorial

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