Market Mayhem: India Turns Up Heat, Pak Economy Wobbles
5/2/2025 6:33:27 PM
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। जवाबी कार्रवाई के रूप में भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत के साथ कारोबारी रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर दिया। मगर इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक सच्चाई और भी सामने आई है—भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के बीच अब इतना बड़ा फासला बन चुका है, जितना पहले कभी नहीं था।
वक्त ने बदला खेल: जो कभी आगे था, अब पीछे छूट गया :
एक समय था जब पाकिस्तान कुछ आर्थिक संकेतकों में भारत से आगे था—चाहे वह प्रति व्यक्ति आय हो या जीडीपी ग्रोथ। लेकिन बीते दो दशकों में भारत ने सुधारों, निवेश और स्थिर शासन के चलते जबरदस्त छलांग लगाई, जबकि पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ती महंगाई और खराब प्रशासन से जूझता रहा।
प्रति व्यक्ति आय: भारत ने लिया लंबी छलांग :
IMF के आंकड़ों के अनुसार, 2000 में पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय 733 डॉलर थी, जबकि भारत की मात्र 442 डॉलर। लेकिन 2024 तक तस्वीर पूरी तरह पलट चुकी है। भारत की प्रति व्यक्ति आय अब 2,711 डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि पाकिस्तान की महज 1,581 डॉलर। पिछले 10 वर्षों में भारत की आय में 74% की वृद्धि हुई, वहीं पाकिस्तान सिर्फ 11% की बढ़त दर्ज कर पाया।
जीडीपी ग्रोथ: भारत की रफ्तार दोगुनी, पाकिस्तान की धीमी चाल
2014 से 2024 के बीच भारत की जीडीपी 2,039 बिलियन डॉलर से बढ़कर 3,909 बिलियन डॉलर हो गई—करीब 92% की ग्रोथ। वहीं, पाकिस्तान की जीडीपी इसी दौरान 271 बिलियन डॉलर से केवल 373 बिलियन डॉलर पर पहुंची—महज 37% की बढ़त। ग्लोबल जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 2.55% से बढ़कर 3.54% हो चुकी है, जबकि पाकिस्तान 0.34% के आसपास ही बना हुआ है। यह अंतर दोनों देशों की वैश्विक आर्थिक ताकत के स्तर को स्पष्ट करता है।
रोजगार और महंगाई में भी भारत आगे :
जहां भारत में बेरोजगारी दर 2018 में 8.9% थी, वह 2025 तक घटकर 4.9% होने का अनुमान है। वहीं पाकिस्तान में यह दर 2018 में 5.8% से बढ़कर 2025 में 8% तक पहुंच गई है।
महंगाई दर की बात करें तो भारत ने 2015 में 4.9% से इसे 2024 में 4.7% पर बनाए रखा है, जबकि पाकिस्तान में यह 4.5% से बढ़कर 23.4% तक पहुंच चुकी है—जो आम नागरिकों के लिए भारी आर्थिक संकट का संकेत है।
आर्थिक ताकत की होड़: भारत की वैश्विक छवि मजबूत :
भारत ने जहां डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, G20 लीडरशिप, FDI और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छुआ है, वहीं पाकिस्तान वित्तीय संकट, राजनीतिक उथल-पुथल और विदेशी ऋणों में फंसा हुआ है। भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद डेस्टिनेशन बन चुका है, जबकि पाकिस्तान IMF की शर्तों और चीन के कर्ज के जाल में उलझा हुआ है।
Editorial

Editorial

Next Story